प्यार में ही यह ताकत है कि उसके आगे वर्षों की दुश्मनी भी फना हो जाती है। हिंदी फिल्मों का तो यह पसंदीदा विषय रहा है। सलमान खान की हिट फिल्म सनम बेवफा तो आपको याद ही होगी। इसमें वह अपने पिता शेर खान (डैनी) के दुश्मन फतेह खान (प्राण) की बेटी रुखसार (चांदनी) से प्यार करते हैं। लड़ाई-झगड़े और खून-खराबे के बाद आखिर में जीत प्यार की होती है और दोनों का विवाह हो जाता है। यह तो रील की बात थी लेकिन यहां रीयल लाइफ में भी ऐसा हुआ है। जो वर्षों से दुश्मन थे, वे अपने बच्चों के प्रेम के आगे न सिर्फ झुके बल्कि उनकी खुशी के लिए समधी बनना यानी दोनों का विवाह करना भी स्वीकार कर लिया। मंगलवार शाम दोनों परिवारों की सहमति से काली मंदिर में शादी हो गई। दोनों परिवारों की दुश्मनी खत्म कराने में अहम भूमिका निभाई आशा ज्योति केंद्र की टीम ने। कैंट इलाके की 19 वर्षीय युवती को मोहल्ले के ही 22 वर्षीय युवक से प्रेम हो गया। कुछ ही मुलाकातों के बाद दोनों ने विवाह का फैसला कर लिया लेकिन इसमें दोनों के परिवारों के बीच चल रही दुश्मनी आड़े आ गई। युवक ने अपने पिता से बात की तो उन्होंने दुश्मन की बेटी को किसी कीमत पर बहू न बनाने का फैसला सुना दिया। मामला कुछ दिन पहले कैंट थाने पहुंचा तो लड़के के परिवार वाले तो बेटे की खुशी के लिए समझौता करने को तैयार हो गए लेकिन लड़की के घरवाले इसके लिए तैयार नहीं हुए। लड़की ने जिद की तो मंगलवार सुबह मां-बाप उसे लेकर थाने पहुंचे और कहा कि वह किसी और लड़के से चाहें तो शादी कराई जा सकती है पर दुश्मन के बेटे से कतई बेटी को नहीं ब्याहेंगे। पुलिस के समझाने पर भी लड़की का पिता नहीं माना। बोला, वह अपने हाथों कन्यादान नहीं करेगा, बेटी चाहे तो ऐसे ही लड़के के साथ चली जाए, लेकिन लड़की की जिद थी कि शादी होगी तो दोनों परिवारों की सहमति से ही।