बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-छह) तबरेज अहमद ने गैर इरादतन जानलेवा हमला करने के चार दोषियों को मंगलवार को तीन-तीन साल की कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही, तीन साल तक नेकचलनी की शर्त पर उनको रिहा करने का आदेश दिया। दोषियों में बिशारतगंज थाना क्षेत्र के गांव ढकौरा निवासी पिता-पुत्र (मेवाराम-छोटेलाल) और दो सगे भाई (मेवाराम-सेवाराम) और रिश्तेदार सुरेश शामिल हैं।
चारों आरोपियों के खिलाफ फरवरी 2017 में गांव के विजेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने गैर इरादतन जानलेवा हमला करने की धारा में आरोप तय कर चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। चारों आरोपियों ने कोर्ट में जुर्म स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने चारों को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट से दोषियों को परिवीक्षा के आधार पर रिहा करने की मांग की। अभियोजन की ओर से भी इसका विरोध नहीं किया गया। ऐसे में कोर्ट ने बचाव पक्ष की अपील को स्वीकार करते हुए दोषियों को परिवीक्षा के आधार पर रिहा करने का आदेश दिया। संवाद