रात करीब साढ़े तीन बजे किसी ने अब्दुल्ला के मोबाइल से हादसे की जानकारी दी। सूचना पर एसओ सेहरामऊ उत्तरी मदन मोहन चतुर्वेदी पुलिस टीम के साथ मौके पर पंहुचे। कार सवार अब्दुल्ला की आठ महीने की पुत्री अभीया और मरियम का भाई आमीन ही जिंदा बचे थे शेष सभी चारों लोगों की मौत हो चुकी थी।
पहले चूका घूमने का था प्लान
पुलिस ने घायलों को कार से निकलवाकर सीएचसी भेजा। सीएचसी से दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिनको इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया है। इसके बाद अब्दुल्ला, उनकी पत्नी साईमा राहत, चचेरी बहन बुतुल व मरियम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एएसपी अनिल कुमार यादव ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। हालांकि सीओ आलोक सिंह ने बताया कि कार सवार लखनऊ से पीलीभीत चूका घूमने आ रहे थे। इसके बाद नैनीताल घूमने जाते।