बरेली। नौकरी के दो साल बाद भी जब टाइपिंग में फेल हुए तो उन चार कर्मियों को चतुर्थ श्रेणी बना दिया गया है। साथ ही इन्हें हिदायत दी गई है कि यदि अगले पंद्रह दिन में नए पद पर योगदान नहीं देते हैं तो उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। यह कार्रवाई ग्राम्य विकास विभाग ने की है।
डीडीओ दिनेश यादव ने बताया कि संबंधित कर्मियों को मृतक आश्रित में टाइपिंग की शर्त पर रखा गया था। जिनमें अक्षय कुमार, नगमा बेगम, पिंकी गंगवार और सुनीती कनिष्ठ लिपिक पद पर अपनी दो साल की नियुक्ति के बाद भी टाइपिंग में फेल हो गई हैं। यह लोग दोनों टाइप टेस्ट में 25 शब्द प्रति मिनट की गति पाने में असफल रहे हैं। उन्होंने बताया कि नियम है कि लिपिकीय संवर्ग में सेवा के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्यता के अतिरिक्त टाइप में 25 शब्द प्रति मिनट की आवश्यक गति न होने पर भी मृतक आश्रित को लिपिक पद पर नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन शर्त है कि वह नियुक्ति के एक वर्ष के भीतर टाइप की निश्चित गति प्राप्त ले। असफल होने पर नियुक्त कर्मी की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकते हुए एक साल का अतिरिक्त समय टाइप की आवश्यक गति प्राप्त करने को दिया जाएगा। यदि दूसरी बार भी कर्मी 25 शब्द प्रति मिनट की गति प्राप्त नहीं करता है तो उसे लिपिक पद से पद मुक्त करते हुए चतुर्थ श्रेणी पर नियुक्त कर दिया जाएगा और यह उसकी नई नियुक्ति मानी जाएगी। इसी क्रम में संबंधित चारों कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई हुई है।