बरेली। होली के बाद शनिवार को तीन सौ बेड अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने वालों की कतार रही। चिकित्सकों के मुताबिक देर शाम तक करीब चार सौ लोगों को एआरवी लगी।
एआरवी क्लीनिक प्रभारी डॉ. फैसल के मुताबिक होली पर चेहरे पर रंग लगने की वजह से कुत्ते मालिक को पहचान नहीं पाते। शराब सेवन की वजह से वे गंध भी नहीं पहचान पाते। ऐसे में जिन कुत्तों का व्यवहार आक्रामक होता है, वे खतरा भांपकर काटने दौड़ते हैं। वहीं, नशे की हालत में कुछ लोग पशुओं को परेशान करते हैं। इस पर भी वे हमला कर देते हैं। होलिका दहन के दिन और होली पर यानी 48 घंटे में ही करीब चार सौ लोगों को वैक्सीन लगानी पड़ी। गंभीर रूप से जख्मी चार लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां उन्हें एंटी रैबीज सीरम (एआरएस) लगाई गई।