बरेली। नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) बरेली-मुरादाबाद हाईवे पर चार फ्लाओवर बनाने जा रहा है। इसके लिए स्वीकृति मिल चुकी है। चारों फ्लाईओवर 30 मीटर चौड़े सिक्सलेन और करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे होंगे। इनके निर्माण पर करीब 200 करोड़ रुपये की लागत आएगी। एनएचएआई की ओर से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
मीरगंज में सिंधौली चौराहा और घनेटा फाटक, बरेली शहर में झुमका तिराहा और फतेहगंज पश्चिमी में बाइपास के इंड पॉइंट पर राधा-कृष्ण मंदिर के पास फ्लाईओवर के लिए जगह चिह्नित की गई है। ये चारों स्थान दुर्घटना बहुल होने के कारण ब्लैक स्पॉट में शामिल हैं। सिंधौली चौराहा और घनेटा फाटक में हाईवे के समानांतर रेलवे क्राॅसिंग होने के कारण रोजाना जाम की समस्या रहती है।
सिंधौली में अक्तूबर से मार्च तक छह माह चीनी मिल चलने के कारण रेलवे क्रॉसिंग पर स्थिति और ज्यादा गंभीर हो जाती है। दरअसल, दिल्ली-लखनऊ रूट पर करीब 200 यात्री ट्रेनें और करीब 30 मालगाड़ियां रोजाना दौड़ती हैं। यानी औसतन लगभग हर 10 मिनट में क्रॉसिंग बंद होती है। इससे वाहनों की कतारें हाईवे तक आ जाती हैं। मिल का सीजन होने पर गन्ना लदे ट्रक और ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की संख्या काफी बढ़ने से जाम एक से डेढ़ किलोमीटर तक रहता है। घनेटा फाटक पर भी यही स्थिति रहती है।
इसी तरह, शहर की ओर से झुमका तिराहा पर पहुंचने वाले वाहन एक तरफ फतेहगंज पश्चिमी, मीरगंज, रामपुर, मुरादाबाद होते हुए दिल्ली तक जाते हैं। जबकि दूसरी तरफ बड़ा बाइपास होते हुए लखनऊ की ओर निकलते हैं। तीन ओर से वाहन आने के कारण अक्सर तिराहे पर हादसे होते हैं और जाम की समस्या भी पनपती है। राधा-कृष्ण मंदिर के पास दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन अक्सर कस्बा से हाईवे पर आ रहे वाहनों से टकरा जाते हैं। यह स्थान हादसों के लिहाज से संवेदनशील है। यही कारण है कि एनएचएआई की ओर से इन चारों स्थानों का चयन फ्लाईओवर के लिए किया गया। एनएचएआई टेंडर प्रकिया पूरी करके जल्द से जल्द निर्माण एजेंसी के चयन की तैयारी में है, ताकि काम को दो साल की अवधि में पूरा कराया जा सके।
दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे पर रोजाना दौड़ते हैं 50 से 55 हजार वाहन
दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे ट्रैफिक के लिहाज से काफी व्यस्त है। इस पर रोजाना 50 से 55 हजार वाहनों का दबाव रहता है। फ्लाईओवर के लिए जो चार स्थान चयनित किए गए हैं, वह स्थान मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी और बरेली शहर से लगे हैं। यानी फ्लाईओवर के लिए चयनित स्थानों पर इन जगहों से आने वाले वाहन हाईवे पर पहुंचते हैं और हादसे का अंदेशा बना रहता है। फ्लाईओवर निर्माण का काम पूरा होने के बाद इस समस्या से निजात मिलेगी।
कोट
मीरगंज तहसील क्षेत्र में दो, झुमका तिराहा और फतेहगंज पश्चिमी में राधा-कृष्ण मंदिर के पास फ्लाईओवर का निर्माण करीब 200 करोड़ की लागत से होगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है। - गुरविंदर सिंह, सहायक अभियंता, एनएचएआई