गांव अंतपुर स्थित गोशाला में गायों की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस ने प्रधान के पति, सचिव और गोशाला के केयरटेकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बरेली के मझगवां ब्लॉक के गांव अंतपुर स्थित गोशाला में मंगलवार रात चार गायें मृत मिलीं। इसकी जानकारी होने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए मृत गायों को दफनाने से पूर्व जांच की मांग की। रात में ही नायब तहसीलदार अरविंद कुमार व एसडीएम नहने राम भी मौके पर पहुंचे। जांच पड़ताल की। गायों की मौत के मामले में प्रधान के पति, सचिव और गोशाला के केयरटेकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बुधवार सुबह डीएम और सीडीओ ने गोशाला का निरीक्षण किया।
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बजरंग दल के आंवला तहसील अध्यक्ष आशीष हिंदू, अलीगंज इकाई के अध्यक्ष नितिन महाजन ने बताया कि उन्हें रात साढ़े आठ बजे सूचना मिली तो वे मौके पर पहुंचे। वहां 10 गायों के शव पड़े थे, जिसे दफन कराने के लिए पास में बड़ा गड्ढा खोदा गया था। गोशाला में कुल 95 गायें हैं, पर नाद में उनके खाने के लिए चारा नहीं था। इसमें से 25 गायें अलग बंधी मिलीं, जो दूधारू हैं।
तीन-चार गायें बीमार थीं : ग्राम प्रधान
ग्राम प्रधान विनीता देवी के पति किशन का कहना है कि तीन से चार गायें बीमार थीं, जिनका मझगवां ब्लॉक के चिकित्सक इलाज कर रहे थे। उनमें से एक की मृत्यु हो गई थी, जिसको दफनाया जा रहा था, लेकिन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक दिया था। आंवला के एसडीएम ने बताया कि कुछ गायों के बीमार होने की जानकारी है, जिनमें से तीन-चार की मृत्यु हो गई है। 10 गायों के मौत की बात अफवाह है।