तिलहर क्षेत्र के गांव घुसवारी में वर्ष 2005 में हुए गैर इरादतन हत्या के एक मामले में पंचम अपर सत्र न्यायाधीश क्षितिज कुमार श्रीवास्तव ने चार सगे भाइयों को दस-दस वर्ष का कारावास व 22-22 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
गांव घुसवारी निवासी रीतराम का गांव के ही सोनपाल से गन्ना की पर्ची के रुपयों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। चार जनवरी 2005 को रीतराम, रामपाल व मगरे अपने खेत में इंजन से पानी लगा रहे थे, वहीं पर रीतराम के चचेरे भाई दयाराम भी थे। इसी बीच दोपहर डेढ़ बजे सोनपाल अपने भाइयों छत्रपाल, जुगेंद्र, वटेश्वर के साथ आए और मगरे को पकड़कर पीटने लगे।
दयाराम, रीतराम व रामपाल ने बीच-बचाव किया तो आरोपियों ने रीतराम व रामपाल को पीट-पीटकर बेदम कर दिया। पिटाई में रीतराम, रामपाल व मगरे को काफी चोटें आईं। रीतराम की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। मामले की रिपोर्ट दयाराम ने दर्ज कराई।
उसने बताया कि दोनों पक्ष उसके चचेरे भाई हैं। दयाराम की तहरीर पर पुलिस ने उसी दिन आरोपी सोनपाल, छत्रपाल, जुगेंद्र, वटेश्वर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली और विवेचना के उपरांत पुलिस ने चारो आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेज दिए। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान व सरकारी वकील शशी मोहन सिंह के तर्को को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया।