अब तक विधवा पेंशन के 56 और वृद्धावस्था पेंशन के दो मामलों में 1.23 करोड़ रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। घपले की रकम इससे कहीं ज्यादा हो सकती ह्रै। जिन महिलाओं के नाम ये खाते खुलवाए गए थे, पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है। मामले की जांच एसआई राजेश बाबू मिश्रा को सौंपी गई है।
छह फर्जी प्रमाणपत्र मिले, रकम दोगुनी करने का देते थे झांसा
जांच के दौरान आरोपियों के पास से पुलिस को छह फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र भी मिले हैं। इनमें कुछ प्रमाणपत्र शहरी और बाकी ग्रामीण क्षेत्र के हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि इन प्रमाणपत्रों के जरिये वह विधवा पेंशन के लिए आवेदन करने की तैयारी में थे। इससे पहले पुलिस ने उनको पकड़ लिया। हरीश कुमार, शांतिस्वरूप, मुनीष, प्रमोद ग्रामीणों व महिलाओं को रुपये दोगुना करने व सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देते थे। फर्जी दस्ताबेज हरीश के जनसेवा केंद्र पर तैयार किए जाते थे।
नौ लोगों को किया था नामजद, जांच में खुल रहीं परतें
आंवला थाना पुलिस ने 31 अक्तूबर को हरीश, शांतिस्वरूप, सौरभ, सुलदीप, मुनीष, भूरे, नीरज, धर्मदेवी, उषा के साथ ही 10 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। मामले की जांच शुरू की गई तो एक-एक कर परतें खुलने लगीं। पता लगा कि गिरोह 2021 से फर्जीबाड़ा कर सरकार को चूना लगा रहा है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।