बरेली के नवाबगंज विधानसभा क्षेत्र से सपा के विधायक रहे मास्टर छोटेलाल गंगवार को 23 साल पुराने मुकदमे में एमपी/एमएलए कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया। रामपुर जिले के मिलक निवासी रामबहादुर ने 23 साल पहले आटा चक्की, डीजल इंजन क्रय करने को लेकर थाना नवाबगंज में धोखाधड़ी आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
कोर्ट के आदेश पर फर्म गंगवार इंटरप्राइजेज के मास्टर छोटेलाल और वीरेंद्र कुमार शर्मा को प्रतिवादी बनाया गया था। नौ विवेचकों ने इसकी विवेचना की। इसमें आरोपी के पिता के नाम और पता गलत अंकित करते हुए आरोपपत्र दाखिल किया गया। इस पर विशेष मजिस्ट्रेट एमपी/एमएलए कोर्ट बरेली ने संज्ञान लिया।
कोर्ट ने लिखा कि अभियोजन पक्ष आरोपी पर अपराध को साबित करने में असफल रहा है। मास्टर छोटेलाल गंगवार केडीईएम इंटर कॉलेज में वर्ष 1974 से 2009 तक अध्यापक रहे और किसी भी व्यापारिक संगठन में साझेदार नहीं थे। न्यायालय ने पूर्व विधायक छोटेलाल गंगवार को दोषमुक्त करार दिया। इस पर समर्थकों ने खुशी जाहिर की।
बसपा से मिला था टिकट, खारिज हो गया था पर्चा
मास्टर छोटेलाल वयोवृद्ध नेता हैं। हालिया लोकसभा चुनाव में बरेली सीट से बसपा ने उन्हें बरेली से अपना उम्मीदवार घोषित किया था। उन्होंने नामांकन भी किया पर उनका पर्चा ही खारिज हो गया था।