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पूर्व मेयरों ने भी माना कि कुतुबखाना में फ्लाईओवर की जरूरत

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कुतुबखाना क्षेत्र में लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली। कुतुबखाना में प्रस्तावित फ्लाईओवर का पूर्व मेयरों ने समर्थन किया है। पूर्व मेयरों का कहना है कि शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए फ्लाईओवर आवश्यक है। सभी पूर्व मेयरों का यह भी कहना है कि इसके साथ ही वहां के व्यापारियों की बात भी सुनी जानी जरूरी है। कहीं ऐसा न हो कि शहर को जाम से निजात दिलाने में सैंकड़ों व्यापारियों को नुकसान हो जाए और फिर वह उस नुकसान से उबर ही पाए।
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स्मार्ट सिटी के तहत कुतुबखाना में करीब सौ करोड़ की लागत से फ्लाईओवर बनना तय हुआ है। लेकिन यहां अभी सेतु निगम के प्रांरभिक सर्वे में ही अड़चने शुरू हो गई हैं। करीब छह सौ मीटर के हिस्से में दो जगह पर नौ मीटर से भी कम सड़क मिली है। इससे अभी स्थिति भी साफ नहीं हो पा रही है। वहीं सड़क के ऊपर पुल बनने पर नीचे के व्यापारियों को कारोबार की चिंता सताते लगी है। ओवरब्रिज निर्माण के चलते व्यापारियों को खासी परेशानी होगी। कुतुबखाना के पास बड़ा बाजार, शास्त्री मार्केट, आलमगिरिगंज समेत कई बड़े बाजार हैं। पुल का निर्माण होने पर आसपास के बाजारों पर भी असर पड़ेगा। वहां खरीदारी को आने वालों की संख्या निश्चित तौर पर कम होगी। कोहाड़ापीर से कुतुबखाना होते हुए सिविल लाइंस व चौपुला की ओर रोजाना हजारों लोग निकलते हैं। तमाम कार्यालय, स्कूल व अन्य संस्थान का यह मुख्य मार्ग है। रोडवेज, रेलवे जंक्शन जाने वाले भी यहां से होकर निकलते हैं। सुबह से रात तक यह मार्ग लोगों से भरा रहता है। बीच बाजार में पुल के पिलर बनाने के लिए वहां खोदाई की जाएगी। इससे वहां रास्ता बंद हो जाएगा। व्यापारी अंडरपास की मांग लगातार उठा रहे हैं।

पूर्व मेयरों ने कहा

यह सड़क लोक निर्माण विभाग की है। दो जगह सड़क की चौड़ाई नौ मीटर से भी कम मिली है। ऐसे में फ्लाईओवर कैसे बनेगा। क्या हम लोगों की दुकानों को व मकान को तोड़कर फ्लाईओवर तैयार करेंगे। फ्लाईओवर जरूरी है लेकिन उससे पहले यह जरूरी है कि सड़क की चौड़ाई एकतार की जाए। यदि किसी का अतिक्रमण है तो उसे हटाया जाए लेकिन किसी व्यापारी को बेवजह परेशान न किया जाए। जिला प्रशासन को सभी पक्षों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए।-डॉ. आईएस तोमर, पूर्व मेयर।

फ्लाईओवर का निर्माण होना बहुत जरूरी है। इस रोड के माध्यम से दिनभर में हजारों लोग जंक्शन, कलक्ट्रेट, कचहरी समेत प्रतिष्ठान व नौकरी को जाते हैं और यहां के भीषण जाम में रोजाना फंसना तय हो गया है। ऐसे में यहां फ्लाईओवर की जरूरत है। उसके साथ ही व्यापारियों को अगर व्यापार चौपट होने का डर है तो प्रशासन के अधिकारियों को उनके साथ बैठकर उनकी बात को सुनकर उनकी समस्याओं का समाधान भी करना होगा।-राजकुमार, पूर्व मेयर।

 फ्लाईओवर तो जरूरी है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम वहां के व्यापारियों को दरकिनार कर देंगे। प्रशासन को वहां के व्यापारियों से बात करनी चाहिए। जिन व्यापारियों का नुकसान हो रहा है उन्हें हर्जाना देना चाहिए। फ्लाईओवर निर्माण से पहले स्टेडियम रोड से लगी रेलवे की जमीन पर कांपलेक्स विकसित कर उन दुकानदारों को यहां जगह देनी चाहिए। यह प्रस्ताव पहले भी नगर निगम से गया था। इस प्रस्ताव पर काम करते हुए वहां फ्लाईओवर तैयार करना चाहिए। -सुप्रिया एरन, पूर्व मेयर।

 किसी का नुकसान न हो सबकी बात सुनी जाए। शहर में कोई प्रोजेक्ट शहर की शहर के लोगों की भलाई के लिए ही लाया जाता है। यदि इससे व्यापारियों का बड़ा तबका खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है तो उनकी बात भी सुननी जरूरी है। उन्हें भी सुना जाना चाहिए। उनकी समस्याओं का हल निकाला जाए। उसके बाद भी फ्लाईओवर निर्माण के बारे में सोचना चाहिए। -सुभाष पटेल, पूर्व मेयर।

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