यह सड़क लोक निर्माण विभाग की है। दो जगह सड़क की चौड़ाई नौ मीटर से भी कम मिली है। ऐसे में फ्लाईओवर कैसे बनेगा। क्या हम लोगों की दुकानों को व मकान को तोड़कर फ्लाईओवर तैयार करेंगे। फ्लाईओवर जरूरी है लेकिन उससे पहले यह जरूरी है कि सड़क की चौड़ाई एकतार की जाए। यदि किसी का अतिक्रमण है तो उसे हटाया जाए लेकिन किसी व्यापारी को बेवजह परेशान न किया जाए। जिला प्रशासन को सभी पक्षों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए।-डॉ. आईएस तोमर, पूर्व मेयर।
फ्लाईओवर का निर्माण होना बहुत जरूरी है। इस रोड के माध्यम से दिनभर में हजारों लोग जंक्शन, कलक्ट्रेट, कचहरी समेत प्रतिष्ठान व नौकरी को जाते हैं और यहां के भीषण जाम में रोजाना फंसना तय हो गया है। ऐसे में यहां फ्लाईओवर की जरूरत है। उसके साथ ही व्यापारियों को अगर व्यापार चौपट होने का डर है तो प्रशासन के अधिकारियों को उनके साथ बैठकर उनकी बात को सुनकर उनकी समस्याओं का समाधान भी करना होगा।-राजकुमार, पूर्व मेयर।
फ्लाईओवर तो जरूरी है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम वहां के व्यापारियों को दरकिनार कर देंगे। प्रशासन को वहां के व्यापारियों से बात करनी चाहिए। जिन व्यापारियों का नुकसान हो रहा है उन्हें हर्जाना देना चाहिए। फ्लाईओवर निर्माण से पहले स्टेडियम रोड से लगी रेलवे की जमीन पर कांपलेक्स विकसित कर उन दुकानदारों को यहां जगह देनी चाहिए। यह प्रस्ताव पहले भी नगर निगम से गया था। इस प्रस्ताव पर काम करते हुए वहां फ्लाईओवर तैयार करना चाहिए। -सुप्रिया एरन, पूर्व मेयर।
किसी का नुकसान न हो सबकी बात सुनी जाए। शहर में कोई प्रोजेक्ट शहर की शहर के लोगों की भलाई के लिए ही लाया जाता है। यदि इससे व्यापारियों का बड़ा तबका खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है तो उनकी बात भी सुननी जरूरी है। उन्हें भी सुना जाना चाहिए। उनकी समस्याओं का हल निकाला जाए। उसके बाद भी फ्लाईओवर निर्माण के बारे में सोचना चाहिए। -सुभाष पटेल, पूर्व मेयर।