बसपा के कद्दावर विधायक रहे वीरेंद्र सिंह का मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे निधन हो गया। लंबे समय से बीमार वीरेंद्र सिंह का घर पर ही इलाज चल रहा था। मूल रूप से बिथरी चैनपुर के गांव भगनापुर के निवासी 61 वर्षीय वीरेंद्र सिंह कई वर्षों से पीलीभीत बाईपास पर पवन विहार कॉलोनी में रह रहे थे।
दिसंबर 2018 में बीमार होने के बाद उन्हें लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रखा गया था। काफी समय से उनका घर पर ही इलाज चल रहा था। वीरेंद्र सिंह 2007 में कैंट और 2012 में बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र से बसपा के विधायक चुने गए थे।
इससे पहले वह बिथरी के ब्लॉक प्रमुख भी रहे। बसपा शासन में विधायक रहते हुए उन्होंने अपने भाई देवेंद्र सिंह को बिथरी चैनपुर से ब्लॉक प्रमुख और दूसरे भाई महेंद्र सिंह की पत्नी नीरू पटेल को जिला पंचायत का अध्यक्ष बनवाया था।
मंगलवार दोपहर पूर्व विधायक के निधन की खबर फैलते ही उनके समर्थकों और जनप्रतिनिधियों का शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए पवन विहार स्थित उनके आवास पहुंचना शुरू हो गया। शाम पांच बजे मॉडल टाउन श्मशान भूमि पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह परिवार में अपने पीछे पत्नी विनोदा देवी, बेटे आशीष पटेल और आकाश पटेल को छोड़ गए हैं।