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बकरियां तो पकड़ लीं.. ‘डायन’ कौन पकड़ेगा

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बरेली। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘वृहद पौधरोपण अभियान’ की हकीकत सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच हुआ है। बकरी ‘डायन’ के हरियाली खाने के खुलासे के बाद रविवार को वन विभाग की टीम ने गांधी उपवन में सुबह से ही डेरा डाल दिया। इस दौरान टीम ने पौधे चर रहीं चार बकरियों को पकड़कर कैंट के कांजी हाउस में कैद कर दिया, लेकिन ‘डायन’ की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। ‘डायन’ यानी नाकारा और भ्रष्ट सिस्टम, जिसने पौधों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए और पौधरोपण के बाद पौधों को उनके हाल पर छोड़ दिया।
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वन विभाग की लापरवाही और अनदेखी से केंद्रीय मंत्री, सूबे के वित्त और सिंचाई मंत्री समेत जिले के आला अफसरों के लगाए गए पौधों को बकरी-गायों द्वारा खा जाने के कारण जिले भर में रोपे गए पौधों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा हुआ है। पौधरोपण अभियान का सच उजागर करते हुए रविवार को अमर उजाला ने ‘पूरा शहर तो पौध लगात है, पर ये बकरी ‘डायन’ खाए जात है’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर भी प्रकाशित की। खबर छपने के बाद रविवार को वन विभाग की चार सदस्यीय टीम गांधी उपवन पहुंची और वहां चर रहीं चार बकरियों को पडकर उनके पालकों की खोजबीन शुरू की। काफी देर तक प्रयास के बाद भी जब कोई नहीं आया तो वन विभाग की टीम ने चारों बकरियों को कैंट स्थित कांजी हाउस में बंद कर दिया। आसपास के पशुपालकों को पौधों की क्षति पहुुंचाने पर विधि सम्मत कार्रवाई की चेतावनी देते हुए टीम वापस लौट आई।

प्रति बकरी पांच सौ रुपये जुर्माना
वन दरोगा नासिर अली खां ने बताया कि कैंट के सभी पशुपालकों ने उनकी बकरियों द्वारा पौधों को चरने से इंकार कर दिया। ऐसे में गांधी उपवन के पास मौजूद चार बकरियों को पकड़कर कांजी हाउस में बंद किया गया है। बताया कि प्रति दिन के हिसाब से प्रत्येक बकरी पर 5 सौ रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। दो दिन तक इंतजार के बाद भी कोई पशुपालक उन्हें लेने नहीं पहुंचेगा तो बकरियों की नीलामी हो सकती है।
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तैनात किए गए दो फॉरेस्ट गार्ड
शुक्रवार को हुए पौधरोपण के बाद 10 हेक्टेयर भूमि पर रोपे गए पौधों की निगरानी के लिए एक फॉरेस्ट गार्ड तैनात किया गया। तैनाती के बाद भी ऐसा मामला प्रकाश में आने के बाद पूछताछ में उसने 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पौधरोपण की अकेले निगरानी में असमर्थता जता दी। इसके बाद रविवार से दो गार्ड निगरानी के लिए तैनात किए गए। साथ ही, नदी की ओर जल्द ही फेंसिंग करने की बात कही है।

अब लगाए जा रहे फेंके गए पौधे
गांधी उपवन में 11 हजार पौधे रोपने का वन विभाग ने दावा किया था, लेकिन सैकड़ों पौधे बिना रोपे ही फेंक दिए गए। मामला प्रकाश में आने के बाद रविवार को फेंके गए पौधों को रोपने का क्रम शुरू हुआ है। अधिकारियों ने मौके पर कुछ पौधे नहीं लगने की बात कही थी, लेकिन रविवार को मौजूद लेबर के मुताबिक करीब डेढ़ हजार से अधिक पौधे रोपे जाने बाकी हैं।

‘वन विभाग की टीम ने रविवार को क्षेत्र में पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद मौके से चार बकरियां पकड़कर कांजी हाउस भेजी गई हैं। उनके मालिकों से प्रतिदिन के हिसाब से प्रति बकरी पांच सौ रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। सुरक्षा के बाबत अन्य व्यवस्था भी की जा रही है।’
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- भरत लाल, डीएफओ
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