छात्र से पूछने पर पता लगा कि आवेदन और रिकॉर्ड को अपलोड करने में उसकी सहायता सूडान के अयूब अली ने की। आर्थिक दंड से बचने के लिए जाली पंजीकरण प्रमाणपत्र तैयार कर ऑनलाइन वीजा विस्तार के लिए आवेदन अपलोड किया। दिल्ली स्थित नाइजीरियन दूतावास को छात्र के संबंध में जानकारी दे दी गई है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि पूछताछ और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।