सचिन की मां पीटती रही छाती
सूचना पर किशोरों के परिजन नवाबगंज सीएचसी पहुंच गए। यहां सचिन का शव मोर्चरी में रखा था। वहां उसकी मां सरोज गश खाकर बेहोश हो गईं। वह छाती पीटते हुए कह रही थीं कि उन्हें नहीं पता था कि बेटे को दोबारा जिंदा नहीं देख पाएंगी।
महीने में डेढ़ हजार रुपये तक कमा लेते थे लड़के
दूसरे सचिन के भाई दिनेश, अनिल और रवि भी नवाबगंज सीएचसी आ गए थे। दिनेश ने बताया कि पिता के पास कोई जमीन नहीं है। पूरा परिवार मजदूरी करके ही पेट पालता है। सचिन बैंड के साथ जाने लगा था। इनाम आदि मिलाकर वह एक बरात में डेढ़ से दो सौ रुपये तक कमा लेता था। सहालग के मुताबिक महीने में डेढ़ हजार रुपये तक कमा लेता था।
पवन की हालत में सुधार
सीओ नवाबगंज चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि पवन को बरेली रेफर करने जा रहे थे पर यहीं एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। उसकी हालत में कुछ सुधार है। अनिल और सनी बरेली भेजे गए हैं।
सन्नाटे के बीच हुई रस्में
दो मौतों के बाद समारोह में भी मातम पसर गया। बराती जनवासे की ओर चले गए। खास लोगों के साथ दूल्हा ही दुल्हन के घर तक पहुंचा। वहां बिना ढोलक की थाप या किसी संगीत के विवाह की रस्में हुईं। दुल्हन के पिता रामपाल ने बताया कि कि सुबह जल्दी ही विदाई कर दी जाएगी।