बरेली। दांतों के बेहतर इलाज के लिए अब निजी अस्पताल के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। शासन से डिविजनल डेंटल लैब के निर्माण के लिए मांगे गए प्रस्ताव पर शुक्रवार को जिला अस्पताल में कवर्ड एरिया खोजने की कवायद हुई। डेंटल ओपीडी को लैब बनाने पर मंथन हुआ।
एडी एसआईसी डॉ. आरसी दीक्षित के मुताबिक, जिला अस्पताल में डेंटल ओपीडी चल रही है। डिविजनल लैब में सिर्फ बरेली ही नहीं, मंडल के अन्य जिलों के दंत रोगियों को बेहतर इलाज मुहैया हो सकेगा। इसके लिए सिर्फ 400 वर्गफीट भूमि ही नहीं, भवन भी चाहिए। अस्पताल में कोई भवन खाली नहीं है। डेंटल ओपीडी के तीन कक्ष, एक कार्यालय का क्षेत्रफल लैब के लिए पर्याप्त पाया गया है। शुक्रवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. अमित, साइकोलॉजिस्ट डॉ. आशीष, हॉस्पिटल मैनेजर पूजा चौहान के साथ निरीक्षण किया।
उन्होंने बताया कि कवर्ड एरिया की नापजोख कराकर प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। स्वीकृति पर प्राप्त बजट से आधुनिक उपकरणों की खरीद की जाएगी। साथ ही, मानव संसाधन भी शासन से मुहैया कराया जाएगा। मंडल स्तर पर डिविजनल डेंटल लैब बनाने की कवायद छह माह से जारी है। सीएमओ ने अब जिला अस्पताल की डेंटल ओपीडी को लैब बनाने पर सहमति जताई है।