बरेली। पुराने बस अड्डे के सामने सड़क पर यातायात व्यवस्था दम तोड़ रही है। फुटपाथ पर अवैध कब्जों की भरमार है, जबकि सड़क पर दिनभर रोडवेज बसों का जमावड़ा रहता है। करीब 400 हिस्से को पार करने में लोगों को आधे घंटे तक का समय लग रहा है।
पांच दशक पूर्व जब बस अड्डा बनाया गया था तो वहां उतनी आबादी व दुकानें नहीं थीं। समय के साथ बाजार बढ़ता गया। यहां से रोजाना 350 बसें गुजरती हैं। बरेली कॉलेज के पीछे वाले गेट से नावल्टी चौराहा तक 400 मीटर लंबी सड़क पर हमेशा जाम लगा रहता है। इससे यहां के इलेक्ट्रॉनिक बाजार की चमक फीकी पड़ रही है। दुकान के सामने बसें खड़े होने से ग्राहक नहीं आते हैं।
रोडवेज परिसर के बाहर ई-रिक्शा के लिए बनाए गए अस्थायी ठहराव स्थल पर चाय की टपरी से लेकर ठेला संचालकों ने कब्जा कर रखा है। नतीजा, ई-रिक्शा वाले सड़कों पर सवारी भरते हैं।
समस्या को देखते हुए रोडवेज की तरफ से इज्जतनगर में पांच एकड़ क्षेत्र में नया बस अड्डा बनवाया जा रहा है जो 31 मई तक तैयार होगा। इसके बाद पुराने बस अड्डे पर इलेक्टि्रक बसों के लिए चार्जिंग प्वाॅइंट बनवाया जाएगा।
यह 50 साल पुरानी समस्या है। यहां हर मिनट पर बसें आ जाती हैं। इससे जाम लग जाता है। व्यापार प्रभावित हो रहा है। - आसिम
जाम से हर कोई परेशान हैं। सड़क पर बसें खड़ी करके सवारी भरने से आमजन के साथ व्यापारी परेशान हैं। - मथलूम हुसैन अंसारी
बसें दुकानों के सामने आकर खड़ी हो जाती हैं तो ग्राहक नहीं आते हैं। ट्रैफिक पुलिस को इस पर ध्यान देना चाहिए। - दिलीप दिख्खा
बसों के सड़क पर खड़ी होने से जाम लगता है। इस समस्या के समाधान के लिए जिम्मेदारों को पहल करनी चाहिए। - अलीम
जाम की समस्या से निजात के लिए इज्जतनगर में बस अड्डे का निर्माण कराया जा रहा है। 31 मई तक काम पूरा हो जाएगा। बसों का लगातार आवागमन रहता है, पर वे एक साथ कहीं खड़ी नहीं होती हैं। - संजीव कुमार श्रीवास्तव, एआरएम, बरेली डिपो