बरेली। स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) से डिस्चार्ज बच्चों के सौ फीसदी फॉलोअप में स्वास्थ्य विभाग की टीमें नाकाम हो रही हैं। प्रकरण पर बुधवार को डीएम रविंद्र कुमार ने सभी एमओआईसी और आईसीडीएस को नोटिस जारी कर सुधार के लिए चेताया है।
एसएनसीयू में प्रसव के बाद जन्मे गंभीर बच्चों को भर्ती किया जाता है। जिनके स्वस्थ होने के बाद करीब 30 दिन तक कॉल और फील्ड विजिट कर फॉलोअप किया जाना होता है। इस कवायद में स्वास्थ्य विभाग की टीम डिस्चार्ज बच्चों के सापेक्ष फॉलोअप नहीं कर रही है। तीन दिन पहले अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। अब डीएम ने नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के मुताबिक फॉलोअप संबंधी दिशा-निर्देश सभी एमओआईसी को दिए हैं। छूटे बच्चों का फॉलोअप कर रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के अनुसार डिस्चार्ज बच्चों का फॉलोअप जिला स्तर पर महज 62 फीसदी है। शेरगढ़ में शून्य, शहर और बिथरी में प्रतिशत बेहद कम है।
राज्य स्तर से कहां-कहां पिछड़ा जिला
पर्यवेक्षण यानी फॉलोअप किए जाने वाले प्रकरण के कंपोजिट इंडेक्स में राज्य स्तर का प्रतिशत 76 और जिले का 80 है। इंफैंटोमीटर उपलब्धता में राज्य का 65, जिले का 76, गर्भवती के पेट की जांच में राज्य 30, जिला 41, स्टेडियोमीटर की उपलब्धता में राज्य 66, जिला 75 पर है। शेष में गिरावट की स्थिति है। क्रमश: वजन मशीन की उपलब्धता राज्य में 57, जिले में 44, सिफलिस किट राज्य में 66, जिले में 61, ओआरएस उपलब्धता में राज्य 87, जिला 84, कुपोषित बच्चों को दवा वितरण में राज्य 70, जिला 58 फीसदी पर है।