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54 करोड़ से बने ओवरब्रिज पर ट्रैफिक दौड़ने से पहले ही उग आई घास

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बरेली। सरकारी सिस्टम की लापरवाही से करीब 54 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे आईवीआरआई ओवरब्रज की उद्घाटन से पहले ही बर्बादी शुरू हो गई है। इस पर मिट्टी जमा होने के साथ घास उगना भी शुरू हो गई है। सेतु निगम और रेलवे के बीच कोई समन्वय न होने से आधे-अधूरे पड़े ओवरब्रिज के दुर्दशाग्रस्त होने का अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
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अधूरे आईवीआरआई ओवरब्रिज को रेलवे भूल ही गया है। अब सेतु निगम ने भी इसे लावारिस छोड़ दिया है। स्टाफ हटा देने के कारण ओवरब्रिज की देखभाल नहीं हो पा रही है। सर्विस लेन लगातार खराब हो रही है। ओवरब्रिज पर रास्ता रोकने के लिए बनाई गईं दीवारों को भी क्षतिग्रस्त कर ईंटे तक गायब कर दी हैं। अब ओवरब्रिज के ऊपर घास उगना शुरू हो गई है। दिक्कत यह है कि सेतु निगम ने करीब सालभर पहले काम खत्म कर दिया है लेकिन क्रासिंग के ऊपर रेलवे ने अपने हिस्से का ओवरब्रिज बनाया ही नहीं है। ऐसे में अधूरे पड़े इस ओवरब्रिज पर ट्रैफिक का संचालन भी नहीं हो पा रहा है।
आईवीआरआई की तरफ इस दीवार का पचास फीसदी हिस्सा टूट चुका है। सेतु निगम ने दीवार की मरम्मत तो नहीं कराई, लेकिन कुछ दिन पहले सीमेंट के कुछ डिवाइडर जरूर रख दिए हैं। इसके अलावा ओवरब्रिज के पास ही सर्विस लेन की तरफ बड़ा गड्ढा हो गया है। इसमें ई-रिक्शा और टेंपो के पलटने का खतरा मंडरा रहा है।
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प्रभारी मंत्री से शिकायत पर भी नहीं चेते अफसर
जिले के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के सामने भी यह मामला उठा था कि आईवीआरआई ओवरब्रिज दुर्दशाग्रस्त हो रहा है। मंत्री ने इसका संज्ञान लिया लेकिन अधिकारियों के ऊपर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
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