बरेली। डीएम और चीफ इंजीनियर की फटकार के बावजूद पीडब्ल्यूडी ने किला ओवरब्रिज को दुरुस्त करने के बजाय खानापूरी कर दी। पीडब्ल्यूडी की टीम ने यहां मरम्मत के नाम पर छोटे गड्ढे तो भर दिए लेकिन पुल के ऊपर उन बड़े गड्ढों को छुआ तक नहीं जिनसे हादसे होने का खतरा है।
किला ओवरब्रिज लगातार जर्जर से और जर्जर होता जा रहा है। पीडब्ल्यूडी इसकी मरम्मत इसलिए नहीं करा रहा है क्योंकि खस्ताहाल पुल पर अगर कोलतार की नई लेयर बिछाई गई तो इसका वजन और बढ़ जाएगा। डीएम के साथ कुछ दिन पहले ओवरब्रिज का निरीक्षण करने के बाद पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर प्रमेश गुप्ता ने अधीनस्थों को निर्देशित किया था कि वे पैच वर्क के काम तत्काल करा दें। इसके बाद टीम ने मरम्मत के नाम पर कुछ गड्ढों में बजरी और बालू तो डाल दी है लेकिन उस पर कोलतार नहीं डाला गया। इससे भी गंभीर यह है कि सीबीगंज की तरफ से ओवरब्रिज पर चढ़ते वक्त एक साइड में करीब पांच से छह फुट तक गहरा गड्ढा हो गया है। मरम्मत करने वाली टीम ने भी इस गहरे और खतरनाक गड्ढे को छुआ तक नहीं। इसके अलावा ओवरब्रिज की सड़क पर अभी भी कई जगहों पर गड्ढे हैं। रोड सेफ्टी के नाम पर पीडब्ल्यूडी ने ओवरब्रिज के फुटपाथ के किनारे रेडियम सिग्नल कुछ दिन पहले जरूर लगा दिए थे।