बरेली। चौपुला चौराहे पर जाम लगने से फ्लाईओवर का काम प्रभावित न हो, इसलिए सेतु निगम लालफाटक पर ट्रैफिक को पूरी तरह से बंद करने के पक्ष में नहीं है। सेतु निगम के अफसर इसके लिए रेलवे अधिकारियों को इस बात के लिए तैयार कर रहे हैं कि लालफाटक पर फोरलेन की जगह पहले टू-लेन ही ओवरब्रिज बनाया जाए। एक तरफ काम पूरा होने के बाद फिर दूसरी ओर टू-लेन का काम चालू हो। ताकि क्रासिंग से होकर कम से कम कार सहित दूसरे छोटे वाहन गुजरते रहे और चौपुला पर ट्रैफिक का दबाव कम से कम बढ़ने पाए। सेतु निगम के चीफ इंजीनियर इस बाबत रेलवे के अफसरों को चिट्ठी भी भेज दी है।
लालफाटक और चौपुला चौराहा दोनों ही जगहों पर सेतु निगम पुल बना रहा है। लालफाटक पर क्रासिंग पर अपने हिस्से का ओवरब्रिज बनाने के लिए प्रशासन से एक सितंबर से ट्रैफिक को बंद करने को कहा है। रेलवे अधिकारी यहां 116 मीटर लंबा फोरलेन ओवरब्रिज बनाएंगे, जिसे पूरा होने में कम से कम डेढ़ साल का वक्त लगेगा। उधर चौपुला पर भी फ्लाईओवर का काम चल रहा है। यहां पहले से ही जाम की दिक्कत है। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने सेतु निगम से सिटी स्टेशन की तरफ निर्माण अभी शुरू न करने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि लालफाटक रोड बंद हो जाने से बदायूं की तरफ से आने-जाने वाले पूरे ट्रैफिक का दबाव चौपुला चौराहा पर बढ़ जाएगा। इससे यहां जाम की समस्या की और विकराल हो जाएगी। जबकि सेतु निगम के साथ कमिश्नर रणवीर प्रसाद इसके पक्ष में नहीं है। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि चौपुला-किला रोड पर मशीनें रखने के बाद भी दोनों ओर सात से आठ मीटर तक जगह रहेगी। जिस पर ट्रैफिक आसानी से गुजर सकता है। हालांकि सेतु निगम के चीफ इंजीनियर देवेंद्र सिंह ने चौपुला पर ट्रैफिक को बोझ कम करने के लिए रेलवे अधिकारियों से यह गुजारिश की है कि वह लालफाटक पर फोरलेन के बजाय पहले टू लेन का ही पुल बनाए। ताकि दूसरे साइड में छोटे वाहन गुजरते रहे। एक तरफ काम खत्म होने के बाद दूसरी ओर निर्माण शुरू कराया जाएगा। इससे चौपुला की तरफ ट्रैफिक का पूरा डायवर्जन नहीं होगा।
ट्रैफिक बंद हुआ तो दुकानदारों का धंधा हो जाएगा चौपट
-लालफाटक पर ट्रैफिक का संचालन बंद करने की तैयारी है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि लंबे समय से यातायात बंद हो जाने से उनकी दुकानदारी पूरी तरह से चौपट हो जाएगी। उनके परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे।
रेलवे के अधिकारियों से आग्रह किया गया है कि वह पहले एक साइड पर पुल का काम करें, ताकि छोटे वाहनों के आने-जाने का रास्ता बना रहे। ऐसा करने में रेलवे अफसरों को कोई एतराज नहीं होना चाहिए। इससे चौपुला पर ट्रैफिक ज्यादा नहीं बढ़ेगा। -देवेंद्र सिंह, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम