बदायूं। गंगा का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगा है। शुक्रवार को जलस्तर खतरे के निशान पर 161.67 तक पहुंच गया। मंगलवार को और इजाफा होने का अनुमान है। इस बीच सहसवान और दातागंज के तटवर्ती 20 से ज्यादा गांवों में लगातार कटान हो रहा है। बाढ़ खंड ने उसहैत, उसावां और गंगा-महावा बांध पर कटान रोकने के लिए प्रबंध किए हैं। पिछले दिनों गंगा खतरे का निशान पार कर चुकी हैं।
गंगा में शुक्रवार को नरौरा बैराज से 35759, बिजनौर से 37900 और हरिद्वार से 49063 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस दौरान शुक्रवार को मीटरगेज पर गंगा का जलस्तर 161.67 दर्ज किया गया। मीटरगेज पर खतरे का निशान 162 और चेतावनी का निशान 161 पर है। गंगा चेतावनी के निशान से 67 सेमी ऊपर और खतरे के निशान से मात्र 33 सेमी नीचे हैं।
उसहैत क्षेत्र के गांव अहमदनगर बछौरा में हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं। इसके अलावा यहां रैपुरा, ठकुरी नगला, कदम नगला, जटा, बेहटी, भखरी, कमलू नगला, चेतराम नगला, दियूरी नगला पर भी खतरा मंडरा रहा है।
सहसवान तहसील के तटवर्ती टोटपुर करसरी, भकरौलिया, परशुराम नगला, नगला वीर सहाय, वरन नगला, तौफी नगला गांवों में भी कटान हो रहा है। यहां काफी जमीन कटान के चलते गंगा में समा चुकी है। 50 से ज्यादा बाढ़ चौकियों के जरिया गंगा के रुख पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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रामगंगा में भी छोड़ा गया पानी
शुक्रवार को रामगंगा में भी बरेली से 152.860 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि, यह ज्यादा वाटर डिस्चार्ज नहीं है लेकिन पानी आने के बाद रामगंगा फाटों के बीच फैलाव लेने लगी हैं। आने वाले दिनों में कालागढ़ बांध से ज्यादा पानी आने पर रामगंगा में भी बाढ़ के कारण हालात संवेदनशील हो सकते हैं। रामगंगा की बाढ़ चौकियों पर भी ऐसे में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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गंगा खतरे के निशान से करीब 33 सेमी नीचे हैं। कटान की स्थिति अब पहले जैसी नहीं है। तटबंधों की निगरानी की जा रही है। रामगंगा में भी शुक्रवार को बरेली से पानी छोड़ा गया है। फिलहाल हालात सामान्य मगर संवेदनशील हैं।
-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड