क्योलड़िया। लगातार बारिश और नानक सागर बांध से देवहा नदी में दो बार में पानी छोड़ने के बाद बाढ़ का पानी नदी किनारे बसे आठ से अधिक गांवों में घुस गया। इसमें अमीरनगर और बड़ेपुरा गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है। इससे नदी किनारे बसे लोगों ने अपना घर छोड़ दिया है। लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन ने आसपास में राहत कैंप लगवाकर इन ग्रामीणों को यहां भेज दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार बुधवार को देवहा नदी में पहली बार में 54120 क्यूक्क पानी और दूसरी बार में भी कुछ क्यूसेक पानी नानक सागर बांध से छोड़ा गया है, जिससे अमीरनगर, गुललाई, अब्दुल्ला, वहर जागीर, बड़ेपुरा, नकटी नरायनपुर, नवदिया सिलरा, नौगमा भगवंतपुर, जरपा मोहनपुर, बिहारीपुर पीतम राम के ग्रामीण दहशत में है। बड़ेपुरा और अमीरनगर गांव को चारों तरफ से बाढ़ के पानी ने घेरना शुरू कर दिया है। इस बीच नदी किनारे बसे लोग अपना घर छोड़कर कैंप में शिफ्ट हो गए हैं।
अधिकारियों ने देखी व्यवस्था
अमीर नगर गांव में तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह, एसडीएम उदित पवार उनके साथ खंड विकास अधिकारी ओम प्रकाश प्रजापति, पशु चिकित्सा अधिकारी धीरेंद्र कुमार, चिकित्सा प्रभारी डॉ. मुगीश, एडीओ पंचायत अपनी टीमों के साथ पहुंचकर ग्रामीणों का हालचाल जाना। तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को 24 घंटे उपलब्ध रहने, जूनियर हाई स्कूल में ठहरने के लिए राहत कैंप लगाने के आदेश दिए हैं। इसके तहत कैंप में 50 गद्दे, लाइट की व्यवस्था, खाने-पीने का इंतजाम कर दिए गए हैं। हालांकि बाढ़ खंड के जेई चारपाई पर सोते हुए मिले। एसडीएम ने कहा कि बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है। राहत कैंप लगाकर व्यवस्था करवा दी गई है। स्थिति पर टीम नजर रख रही है।
रोजी-रोटी आदि को लेकर ग्रामीण चिंतित
लक्ष्मी देवी ने बताया कि देवहा नदी का जलस्तर बढ़ने से लोग भयभीत तो हैं। साथ ही आधी रोटी खाकर गुजारा कर रहे हैं। विमला देवी ने बताया कि 30 वर्ष पहले आई बाढ़ की चपेट में उनके पति आ गए थे, जिनकी मौत हो गई। इस तरह अन्य ग्रामीणों ने कहा कि बाढ़ की चपेट में आने से उनका मकान भी ढह सकता है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि खेती की जमीन जलमग्न है, जिसमें फसलें जलमग्न हो गई है। संवाद
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बहगुल नदी के कटान से 400 बीघा फसलें जलमग्न
दुनका। नदियों का जलस्तर बढ़ने पर बहगुल नदी में तेज धार की वजह से 400 बीघा फसलें नदी में समा चुकी हैं, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच चुकी हैं। लोगों ने बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है।बहगुल नदी से धर्मपुरा, बैरमनगर सुल्तानपुर, दुनका, बिहारीपुर भमोरा, आन्नदपुर अक्सौरा, बफरी अब्दुलनबीपुर आदि गांवों की जमीनें कट रही हैं। किसानों ने चिंता जताई है। संवाद
बाढ़ क्षेत्र का टीम ने दौरा किया
बहेड़ी। तहसील प्रशासन ने किच्छा नदी के किनारे ग्राम मुड़िया मुक्कररमपुर, मोहम्मदपुर आदि ग्रामों का बाढ़ के जलस्तर का निरीक्षण किया गया। टीम ने पाया कि जलस्तर सामान्य है। किच्छा नदी का जलस्तर घटने से गांव में स्थिति सामान्य है। कोई जनहानि, पशुहानि नहीं हुई है।
दुनका गांव में कटान करती बहगुल नदी