बरेली। इंडिगो एयरलाइंस की घरेलू उड़ानों पर संकट के बीच ट्रेनें सहारा बनी हैं। बरेली से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में पांच दिन में 80 हजार से ज्यादा अतिरिक्त यात्रियों ने यात्रा की है। हालात यह हैं कि बरेली होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की किसी भी ट्रेन में 15 दिसंबर तक कन्फर्म सीट उपलब्ध नहीं है। किसी भी गाड़ी की स्लीपर श्रेणी में बुकिंग नहीं हो रही। राजधानी, सत्याग्रह, महामना, चंडीगढ़ एक्सप्रेस, लखनऊ मेल समेत सभी ट्रेनों में नो रूम होने के कारण टिकट बुकिंग बंद हो गई है।
आमतौर पर बरेली होते हुए चलने वाली टनकपुर-दिल्ली पूर्णागिरि जनशताब्दी एक्सप्रेस में दिल्ली के लिए सीटें खाली रहती थीं। इन दिनों इस गाड़ी में भी वेटिंग है। लखनऊ-दिल्ली एसी सुपरफास्ट में भी नो रूम है। सप्ताह में दो दिन चलने वाली सहरसा-अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस में 22 दिसंबर तक नो रूम है। अयोध्या एक्सप्रेस, पद्मावत एक्सप्रेस, सुहेलदेव सुपरफास्ट, श्रमजीवी एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, अवध-असम एक्सप्रेस, हावड़ा-बीकानेर सुपरफास्ट की स्लीपर श्रेणियों में 20 दिसंबर तक नो रूम है। एसी श्रेणियों में वेटिंग लिस्ट लगातार लंबी हो रही है।
मुख्य वाणिज्य निरीक्षक इमरान सैय्यद ने बताया कि उड़ानों पर संकट के बीच ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव बढ़ा है। सबसे ज्यादा दबाव दिल्ली, पंजाब, जम्मू, पूर्वांचल और बिहार, बंगाल जाने-आने वाली ट्रेनों पर है। लंबी दूरी की लगभग सभी गाड़ियां पैक होकर चल रही हैं। रेलवे ने छह विशेष गाड़ियां भी चलाई हैं। इन दिनों विशेष गाड़ियाें में भी कन्फर्म टिकट मुश्किल हो रहा है। इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानें नियमित होने के बाद ही ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव कम होने की उम्मीद है। पांच दिन में बरेली होकर गुजरने वाली गाड़ियों में 80 हजार से ज्यादा अतिरिक्त यात्रियों ने यात्रा की है। संवाद