बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए के मुताबिक इससे नाथ नगरी बरेली के विकास को नये आयाम मिलेंगे। नाथ धाम इंटीग्रेटेड टाउनशिप से आवासीय विकास के साथ एमएसएमई और बरेली के उत्पादों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जायेगा।
पांच गांवों को किया गया भूमि अधिग्रहण के लिए चिन्हित
बीडीए सचिव योगेंद्र कुमार ने बताया कि योजना के लिए पांच गांवों की भूमि को अधिग्रहण के लिए चिह्नित किया गया है। इन गांवों से 267 हेक्टेयर की जमीन को चिह्नित किया जाना है। इसको लेकर बीडीए के अधिकारियों ने डीएम रविंद्र कुमार को चिट्ठी लिखी है। वहीं रामगंगा रिवरफ्रंट का डवलपमेंट भी किया जाएगा। यह जैविक संरक्षण के साथ पर्यावरण के अनुकूल होगा।
जरी-जरदोजी को मिलेगा आयाम, एक्सप्रेस-वे से होगी 15 मिनट की दूरी
टाउनशिप में जरी-जरदोजी के काम को नया आयाम मिलेगा। कामगारों की प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके साथ ही उत्पाद बेचने के लिए दुकान और काम करने लिए के लिए कॉमन सेंटर की व्यवस्था की जायेगी।
आर्किटेक्ट सुमित अग्रवाल के मुताबिक छोटे कामगारों और व्यापारियों के लिए फ्लैटेड डवलपमेंट के रूप में कम खर्च में जगह उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं गंगा एक्सप्रेस-वे से टाउनशिप का रास्ता महज 15 मिनट का होगा।