वर्ष 2009 में जिला कारागार की दीवार फांदकर हो गया था फरार
बरेली। जिला कारागार से फरार होकर 25 हजार रुपये का इनामी दोषी फर्जी आधार कार्ड बनवाकर दिल्ली में रहने लगा था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका पांडेय ने पांच साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जिला कारागार बरेली से वर्ष 2009 में खटीमा का रहने वाला नुरुल हसन फरार हो गया था। उसे 15 दिसंबर 2020 को चौकी चौराहे के समीप गिरफ्तार किया गया था। उस समय उसकी तलाशी ली गई तो उसकी जेब से आधार कार्ड मिला। जिसमें नाम पता जिला ऊधमसिंहनगर के थाना खटीमा के इस्लामपुर निवासी मोहम्मद अयूबा लिखा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 2009 में जिला कारागार से फरार होने के बाद नाम पता बदलकर रह रहा था। आधार का प्रयोग बैंक खाता, रेलवे टिकट, गैस कनेक्शन आदि लेने में किया गया। उसका असली नाम नूरुल हसन ही है। फर्जी आधार कार्ड बनवाकर पहचान छुपाने के मामलेे में एफआईआर दर्ज कराई गई। मामले में अभियोजन की ओर से कुल चार गवाह और साक्ष्य के तौर आधार कार्ड पेश किया गया। न्यायालय ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषी को सजा सुनाई है। संवाद