बरेली में लोगों के मोबाइल चोरी कर झारखंड व पश्चिमी बंगाल से साइबर ठगी करने वाले गिरोह पर शिकंजा कसने की तैयारी है। चार आरोपियों को जेल भेजने के बाद साइबर थाना पुलिस ने सरगना व नेटवर्क की तलाश तेज कर दी है। पांच टीम गठित करके हरियाणा भेजी गई है और होली के बाद झारखंड और पश्चिमी बंगाल टीमें भेजी जाएगी।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बुधवार रात अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के झारखंड में महाराजपुर साहिबगंज निवासी सागर कुमार, सुमित कुमार, रिषी कुमार और पश्चिम बंगाल आसनसोल भाटपाड़ा निवासी आकाश नुनइया को गिरफ्तार किया गया था। चारों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज किया गया, कोर्ट ने इन्हें जेल भेजा है। साइबर थाना प्रभारी डीके शर्मा, साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने जेल भेजने से पहले चारों आरोपियों से पूछताछ के साथ ही इनके मोबाइल भी कब्जे में ले लिए थे।
झारखंड का रहने वाला है मुख्य सरगना
इन्हीं से इनपुट लेकर पुलिस टीम अब असली अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में जुट गई है। मुख्य सरगना झारखंड का ही बताया जा रहा है जो पूरे देश में साइबर ठगी का नेटवर्क चलाता है। कई संदिग्ध मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। कुछ फोन के आईईएमईआई नंबरों को रन करके भी पुलिस भविष्य की कार्रवाई के तार जोड़ रही है। एसएसपी खुद कैंप कार्यालय से इस कार्रवाई की समीक्षा कर रहे हैं।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि साइबर थाना पुलिस ने अच्छा खुलासा किया है। बरेली के लोगों के मोबाइल चोरी करने के साथ ही उन्हें साइबर ठगी का शिकार बनाया जा रहा था। बरेली पुलिस अन्य प्रांतों की पुलिस से मदद लेकर गिरोह के खात्मे का काम करेगी। जरूरत पड़ी तो होली बाद टीमें को दूसरे प्रांतों में भी कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।