जल्द ही बरेली शहर औद्योगिक नक्शे पर खास चमक बिखेरेगा। निवेशकों के रुझान को देखते हुए यूपीडा ने जिले में पांच और औद्योगिक गलियारों को मंजूरी दी है। आंवला तहसील के भमोरा में इसके लिए जमीन चिह्नित की जा चुकी है। उप्र एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने अन्य पांच तहसीलों (सदर, नवाबगंज, बहेड़ी, मीरगंज, फरीदपुर) में भी एक-एक औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए एक-एक हजार हेक्टेयर जमीन की तलाश शुरू की है।
डीएम की ओर से उपजिलाधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं। इन औद्योगिक गलियारों में 13 हजार उद्योग स्थापित होंगे और करीब सवा लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। निवेशकों को अपनी ओर खींचने में बरेली की भौगोलिक स्थिति मददगार साबित हुई है। देश और प्रदेश की राजधानी के बीच स्थिति होने के साथ ही यहां का सड़क, रेल और हवाई संपर्क भी बेहतर है। गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी होने के साथ ही बरेली-सीतापुर हाईवे की सुविधा है। पीलीभीत-सीतारगंज हाईवे, बरेली पूर्वी बाइपास, बरेली-मथुरा हाईवे का निर्माण चल रहा है।
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इन चारों परियोजनाओं के इसी साल या अगले साल मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। बरेली जंक्शन से भी लंबी दूरी की ट्रेनों की भरमार है। उत्तराखंड से सटा होने के कारण यहां का मौसम भी निवेशकों को रास आया है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा व्यवस्था का ही परिणाम है कि विदेशी निवेशकों ने भी यहां निवेश के लिए रुचि दिखाई है।
जमीन के चयन में चार मानकों का रखना होगा ध्यान
यूपीडा के मुताबिक, औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि निर्मित अथवा निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे, हाईवे के नजदीक होनी चाहिए, ताकि आवागमन में सुगमता रहे। भूमि पर जलभराव न होता हो। जमीन आबादी में न हो और उसका आसानी से अर्जन किया जा सके। भूमि नहर और हाईटेंशन लाइन के नजदीक भी नहीं होनी चाहिए। इन मानकों को पूरा करते हुए जमीन का प्रस्ताव विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को भेजने के लिए कहा गया है।
हर गलियारे में स्थापित होंगे ढाई हजार उद्योग
एक हजार हेक्टेयर जमीन पर विकसित होने वाले औद्योगिक गलियारे में करीब ढाई हजार उद्योग स्थापित होंगे। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 25 हजार लोग रोजगार से जुड़ेंगे। ऐसे में युवाओं के सामने रोजगार का संकट भी काफी हद तक दूर होगा। जिला भी और तेजी से विकास के रास्ते पर दौड़ेगा।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि आंवला के बाद अन्य पांच तहसीलों में औद्योगिक गलियारे विकसित करने के लिए यूपीडा की ओर से जमीन मांगी गई है। सदर, नवाबगंज, बहेड़ी, मीरगंज, फरीदपुर तहसील के उपजिलाधिकारियों को पत्र जारी करके जमीन तलाशने के लिए कहा गया है।