बिशारतगंज के गांव अखा में वर्ष 2017 में धारदार हथियारों से की थी हत्या
बरेली। प्रेम प्रसंग में नरेश पाल की हत्या करने के आरोप में पिता, पुत्र और पौत्र समेत पांच लोगों को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश श्री कृष्ण चंद्र सिंह ने किया।
यह वारदात बिशारतगंज के गांव अखा में हुई थी, जिसकी रिपोर्ट नरेश पाल के भाई मुकेश बाबू ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा था कि उनके छोटे भाई 22 वर्षीय नरेश पाल का प्रेमपाल की बेटी से दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसको लेकर प्रेमपाल का परिवार उनके भाई से रंजिश मानता था। एक सितंबर 2017 को शाम के सात बजे जब नरेश पाल, उनकी बहन नीरज और मां भगवान देई घर पर थे तब प्रेेमपाल का लड़का ऐजभान उनके घर आया और नरेश को बुलाकर ले जाने लगा। ऐजभान के साथ उसके पिता प्रेमपाल, बाबा कलक्टर के अलावा मुकेश और श्रीओम भी थे। इन सभी लोगों ने उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी और नरेश पाल को खींचकर गांव के प्राइमरी स्कूल में ले गए। उनके पीछे पीछे वह अपनी बहन नीरज के साथ शोर मचाते हुए भागे। वहां जाकर देखा कि कलक्टर, श्रीओम और मुकेश ने उनके भाई नरेश पाल को गिराया हुआ था। ऐजभान के हाथ में तलवार थी और प्रेमपाल फरसे जैसा कोई हथियार लिए हुए था। देखते ही देखते दोनों ने नरेश पाल पर कई वार कर डाले। इसी बीच गांव वाले पहुंच गए तो आरोपी भाग निकले लेकिन तब तक नरेशपाल की मौत हो चुकी थी।
अभियोजन की ओर से सरकारी वकील तेज पाल सिंह राघव ने वादी मुकेश बाबू, उनकी बहन नीरज के अलावा कुल सात गवाह पेश किए। कोर्ट ने कलक्टर, उसके बेटे प्रेमपाल, पोते ऐजभान और श्रीओम व मुकेश को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा प्रत्येक पर 28 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।