बरेली। टोल कर्मियों पर जानलेवा हमले के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय रवि कुमार दिवाकर ने पांच अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। उनको 17 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज ने बतौर साक्ष्य अहम भूमिका निभाई।
पुलिस से की गई शिकायत के मुताबिक, 21 नवंबर 2019 को भोजीपुरा स्थित टोल प्लाजा के लेन नंबर नौ वीआईपी सेल में बहेड़ी की ओर से कार घुस आई। वहां बैरिकेडिंग होने की वजह से चालक ने कार को लेन में ही रोक दिया। उसमें पांच लोग सवार थे। सुरक्षा गार्ड ने टोका तो कार सवार लोग गार्ड व अन्य टोल कर्मियों से गाली-गलौज करने लगे। चालक ने टोल कर्मियों पर कार चढ़ा दी। इससे सोमपाल सोम दूर जाकर गिरा। बमुश्किल उसकी जान बची।
कार से उतरकर आरोपियों ने टोल कर्मियों नारायण, सुरेश, राहुल व विष्णु की लात-घूंसों से पिटाई की। एक आरोपी ने धारदार हथियार से हमला कर सुरेश को घायल कर दिया। टोल कर्मियों को जान से मारने की धमकी देते हुए पांचों आरोपी कार में सवार होकर भाग गए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सनी, अंकित भारती, सुमित, विनोद मौर्य और रजत गंगवार के विरुद्ध एक मार्च 2020 को आरोपपत्र दाखिल किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पांचों अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। संवाद