शासन की नई गाइडलाइन लागू होने से पहले ही अफसरों ने चौकस किए निगरानी के बंदोबस्त
बरेली। दो संक्रमित मिलने के बाद हॉटस्पॉट घोषित हुए ब्रह्मपुरा और उससे सटे इलाकों में सख्ती बढ़ा दी गई है। कन्टेनमेंट जोन के संबंध में शासन की नई गाइड लाइन जारी होते ही इस इलाके में लोगों की आवाजाही पर लगभग पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सिर्फ डॉक्टरों की टीमों को सैंपल लेने और फायर ब्रिगेड को सैनिटाइजिंग के लिए आने-जाने दिया जा रहा है। सख्ती बढ़ने के बाद यहां लोगों को सब्जी-दूध जैसी जरूरी चीजों की किल्लत का सामना भी करना पड़ रहा है। इसके साथ नई गाइड लाइन जारी होते ही अब कर्फ्यू में रहने का खतरा भी सिर पर मंडराने लगा है।
यह पहले से साफ था कि कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के साथ सख्ती भी बढ़ेगी, हालांकि इसके बावजूद लोगों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। खासतौर पर पुराना शहर के इलाकों के साथ शहर के प्रमुख बाजारों में लॉकडाउन की जमकर अनदेखी की गई। पुराना शहर के सैलानी, मीरा की पैंठ जैसे तमाम इलाकों में लगातार बाजार खुला रहा और लोग जानबूझकर लॉकडाउन और सामाजिक दूरी की हिदायतों को नजरअंदाज करते रहे। इसी तरह श्यामगंज के साथ शहर की कई मंडियों में भी लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाई गईं। अब पुलिस-प्रशासन की ओर से बढ़ी सख्ती इसके अंजाम के तौर पर सामने आ रही है। नई गाइड लाइन में यह भी साफ कर दिया गया है कि अगर हालात काबू में नहीं आते हैं तो प्रशासन के अफसर अपने विवेक से किसी भी इलाके में कर्फ्यू भी घोषित कर सकते हैं।
हर गली के नुक्कड़ पर पुलिस, घर से बाहर आते ही पूछताछ
शासन से हॉटस्पॉट एरिया को कंटेनमेंट घोषित करके लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश है। ब्रह्मपुरा इलाके में दो संक्रमित मिलने के बावजूद अब तक पुलिस कोई खास सख्ती नहीं कर रही थी लेकिन एडीजी के निरीक्षण और सख्त निर्देश के बाद अब सख्त पहरा लगा दिया गया है। हर गली के बाहर बैरियर लगाकर पिकेट तैनात कर दी गई है। कई आसपास के थानों की पुलिस भी इस इलाके में लगा दी गई है जो लोगों को इस इलाके में आने-जाने से रोक रही है। बस्ती के लोगों के घर से निकलते ही टोकाटाकी की जा रही है। बेहद जरूरी काम न होने पर लोगों को उनके घर वापस लौटाया जा रहा है।
पहले कह रहे थे.. ये पाबंदियां ठीक नहीं अब खुद सील कर लीं अपनी गलियां
ब्रह्मपुरा और जाटवपुरा इलाके के लोग भी कोरोना पॉजिटिव की मौत के बाद सजग हो गए हैं। शुरू में बंदिशों को गलत ठहराने पर आमादा ये लोग अब अपने परिवार को कोरोना से बचाने के लिए इतने जागरुक दिख रहे हैं कि उन्होंने अपनी गलियां खुद सील कर ली हैं। कुछ लोगों ने बाकायदा बल्लियों पर लिखकर लगा दिया है कि बाहरी लोग कृपया गली में न आएं। ऐसे लोग शासन की गाइडलाइन का पूरा पालन करके पुलिस को सहयोग दे रहे हैं। कई लोग अपने दरवाजों पर ड्यूटी दे रहे पुलिस स्टाफ को चाय नाश्ता भी करा रहे हैं। हालांकि कोरोना पीड़ित के घर वाली गली में कोई बांस बल्ली नहीं लगी है। यह अभी भी खुली है। पुलिस इससे दूर बैठी है और स्थानीय लोग खुद ही सतर्कता बरत रहे हैं।
ब्रह्मपुरा पहुंची मेडिकल वैन, संदिग्धों के सैंपल लिए फायर ब्रिगेड ने की सैनिटाइजिंग
रविवार दोपहर मेडिकल वैन फिर ब्रह्मपुरा पहुंची। यहां टीम ने कई संदिग्ध लोगों का सैंपल लिया। तमाम लोग स्वेच्छा से सैंपल देने आए। बुजुर्गों और बीमार लोगों के सैंपल प्राथमिकता से लिए गए। टीम के डॉक्टरों ने बताया कि शनिवार को तीस लोगों के सैंपल लिए थे। आज इनसे ज्यादा सैंपल लेने की योजना है। उधर फायरब्रिगेड की टीम ने एफएसओ रवीश कुमार के निर्देशन में ब्राह्मपुरा व जाटवपुरा इलाकों में जाकर सैनिटाइजर का छिड़काव किया। टीम बारादरी के कंटेनमेंट एरिया हजियापुर भी गई। यहां पूरे इलाके को सैनिटाइज करने का काम किया गया।
सख्ती के साथ बढ़ी दिक्कत, होम डिलीवरी भी ठीस से नहीं हो रही
ब्रह्मपुरा और उससे सटे इलाकों में सख्ती बढ़ने के बाद जनसुविधाएं देने में अड़चन आ रही है। शाहबाद इलाका भी सील है। मोहल्ले के तनवीर ने बताया कि पुलिस सब्जी व दूध वालों को गलियों में घुसने नहीं दे रही। इससे जरूरी सामान की होम डिलीवरी में अड़चन आ रही है। बताया कि प्रशासन की सूची में दिए नंबर नॉट रिचेबल हो गए हैं। वह लोग सामान लेने बाहर निकलते हैं तो पुलिस डंडा फटकारकर घरों में भेज देती है। होम डिलीवरी सिस्टम ठीक हो जाए तो जनता को लॉकडाउन पालन करने में समस्या नहीं आएगी।