चार साथियों के संक्रमित होने के बाद दिया था सैंपल, शनिवार देर रात आई जांच रिपोर्ट
बरेली। कोरोना ने आखिरकार बरेली में भी दस्तक दे दी। सप्ताह भर पहले नोएडा से लौटे सुभाषनगर की गली नंबर एक में रहने वाले युवक को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। केजीएमयू लखनऊ से देर रात जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सुबह युवक के साथ उसके छह परिजनों को एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। परिवार वालों के सैंपल भी लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
सुभाषनगर की गली नंबर एक में रहने वाला 33 वर्षीय युवक सप्ताह भर पहले नोएडा से कोरोना लेकर घर लौटा। यह युवक नोएडा की सीजफायर कंपनी में नौकरी कर रहा था जिसे चार कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने के बाद 21 मार्च को कंपनी बंद कर पूरे स्टाफ को घर जाने को कहा गया था। परिवार वालों के मुताबिक 21 मार्च की देर रात नोएडा से चला युवक अगली सुबह बरेली पहुंचा। अगले ही दिन उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। तेज बुखार होने के बाद उसे दवा दी गई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
युवक को इसी बीच नोएडा के एक अन्य साथी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी मिली तो वह 27 मार्च को जिला अस्पताल पहुंचा जहां उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। शनिवार रात तीन बजे रिपोर्ट आई जिसमें युवक को कोरोना पॉजिटिव बताया गया था। रात में ही उसके परिवार वालों को इसकी सूचना दी गई। सुबह युवक और उसके छह परिजन को एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। कोरोना संक्रमण की पुष्टि करने के लिए परिवार वालों का भी सैंपल लिया गया है।
डेढ़ घंटे तक करते रहे आनाकानी, पुलिस बुलाने की चेतावनी दी तो बैठे एंबुलेंस में
युवक की जांच रिपोर्ट आने के फौरन बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उसके परिवार को फोन करके इसकी जानकारी देते हुए सचेत कर दिया। सुबह युवक और उसके परिवार को लाने के लिए एंबुलेंस के साथ टीम भेजी गई लेकिन डेढ़ घंटे तक परिवार आनाकानी करता रहा। एंबुलेंस ड्राइवर ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। युवक और उसके परिवार वालों को इसके बाद पुलिस बुलाकर जबरन अस्पताल ले जाने की चेतावनी दी गई तब कहीं यह परिवार जरूरत का सामान लेकर एंबुलेंस में बैठा। आइसोलेशन में रखे गए लोगों में युवक के अलावा उसकी पत्नी, बेटा, बहन, भाई, मां और पिता शामिल हैं।
नोएडा से लौटकर तीन दोस्तों के घर गया, मेडिकल स्टोर से दवा भी लाया कोरोना संक्रमित
कोरोना संक्रमित मरीज पाए जाने की खबर फैलते ही पूरे सुभाषनगर में हड़कंप मच गया। युवक के पड़ोस और उसके परिवार के संपर्क में रहने लोगों में तो बुरी तरह दहशत फैल गई। सूत्रों के मुताबिक युवक नोएडा से लौटने के बाद सुभाषनगर में ही रहने वाले अपने तीन दोस्तों के घर गया था। एक बार बगैर बताए पास ही के मेडिकल स्टोर पर भी बुखार की दवा लेने पहुंचा था। नोएडा से लौटने के बाद उसके घर पर भी दो रिश्तेदारों का आना हुआ था। युवक ने उन्हें पीने के लिए पानी भी दिया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम ने इस तरह 14 लोगों को ट्रेस किया है जो कोरोना संक्रमित युवक के संपर्क में आए थे। इन सभी लोगों को होम क्वारंटीन कराने की हिदायत दी गई है।
तैयारियों का यह हाल, आइसोलेशन के लिए करना पड़ा दो घंटे इंतजार
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक युवक और उसके परिवार के लोगों को पहले शहर के एक जाने-माने मेडिकल कॉलेज में आइसोलेट करने को कहा गया लेकिन इस मेडिकल कॉलेज ने तैयारियां पूरी न होने की बात कहते हुए हाथ खड़े कर दिए और संक्रमित परिवार को कहीं और आइसोलेट करने को कह दिया। इसके बाद शहर से बाहर एक दूसरे मेडिकल कॉलेज में युवक और उसके परिवार वालों को शिफ्ट किया गया। एंबुलेंस ड्राइवर के मुताबिक इस वजह से इस परिवार को आइसोलेट करने में ही दो घंटे से ज्यादा समय लग गया।
250 सेल्फ सस्पेक्टेड मरीज पहुंचे जांच कराने
नोएडा से लौटे युवक में कोरोना की पुष्टि के बाद जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड की हेल्पडेस्क पर बाहर से आए लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। ये लोग खुद को कोरोना संक्रमित होने की आशंका जताते हुए सैंपल लेकर जांच कराने की मांग कर रहे थे। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने इन लोगों की काउंसलिंग की और फिर उन्हें घर पर ही 14 दिनों तक आइसोलेट रहने की हिदायत देकर लौटा दिया। 14 दिन से पहले बाहर कहीं घूमने की जानकारी मिलने पर सख्त कार्रवाई की भी चेतावनी दी। हेल्पडेस्क के मुताबिक रविवार को ऐसे 250 लोगों की काउंसलिंग की गई।