बरेली। अगर हम जागरूक हैं तो दूसरों की सहायता करने में भी समर्थ होते हैं। इसलिए आवश्यक है कि पुलिस की कार्यप्रणाली को बारीकी से जानें। इससे बेटियां न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की भी सहायता कर सकती हैं। ये बातें सोमवार को उप निरीक्षक पुष्पांजलि सिसोदिया ने अमर उजाला की ओर से महिला थाने में आयोजित कार्यक्रम दोस्त पुलिस में बरेली कॉलेज की आठवीं बटालियन की एनसीसी बालिका कैडेटों से कहीं।
कार्यक्रम के तहत 26 एनसीसी कैडेटों ने थाने का भ्रमण किया। उन्होंने पुलिस पुलिस के कामकाज को बारीकी से समझा। हेल्प डेस्क के बारे में जाना। एसआई पुष्पांजलि ने बताया कि महिला थाने में अधिकतर मामले दंपतियों में आपसी विवाद के आते हैं। हमारा पहला प्रयास रहता है कि आपसी समझौते से ही मामला निपट जाए। तीन-चार बार काउंसलिंग के बाद भी यदि समझौता नहीं होता है तो प्राथमिकी दर्ज की जाती है। इसके बाद भी दंपती को समझौते के कई अवसर मिलते हैं।
एसआई ने छात्राओं को बताया कि पुलिस किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। कहा कि अगर कोई अपरिचित आपको बहल़ाकर रुपयों की बात करे तो तुरंत कॉल काटें। ऐसे मामलों को साइबर हेल्प लाइन पर रिपोर्ट करें।उन्होंने चाइल्ड हेल्प लाइन, महिला हेल्प लाइन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पहले स्वयं जागरूक हों फिर दूसरों को भी इस बारे में जागरूक करें।
कैडेट आलिया ने पूछा- आराेपी के नाम व पते की जानकारी न हो तो क्या करें? इस पर एसआई पुष्पांजलि ने बताया कि अगर किसी को अपराधी का नाम नहीं पता है तो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद तहकीकात में अपराधी की पहचान सामने लाई जाती है। इस दौरान महिला थाना प्रभारी परमेश्वरी देवी, अंजू व वीनू उपस्थित रहीं।
सीसीटीएनएस की दी जानकारी
इस दौरान एनसीसी कैडेटों को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के बारे में बताया गया। एसआई पुष्पांजलि ने बताया कि एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवश्यक नहीं कि पुलिस स्टेशन आना ही पड़े। यूपी पुलिस की ओर से चलाए जा रहे एप पर भी रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं।