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Bareilly News: रिंग रोड के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी... फर्म तय, निर्माण के लिए अक्तूबर तक इंतजार

Wed, 26 Mar 2025 05:33 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में अक्तूबर से रिंग रोड का निर्माण शुरू हो सकता है। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है, लेकिन भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में देरी से निर्माण का इंतजार करना पड़ेगा। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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बरेली में रिंग रोड के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई और फर्म भी तय कर दी गई, लेकिन निर्माण अभी शुरू होने की स्थिति में नहीं है। इसके लिए कम से कम अक्तूबर तक इंतजार करना पड़ेगा। जब तक 80 प्रतिशत जमीन नहीं मिल जाती तब तक कंपनी निर्माण नहीं शुरू कर पाएगी। अभी एक प्रतिशत भी जमीन नहीं मिल सकी है।
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प्रस्तावित रिंग रोड राष्ट्रीय राजमार्ग-530 बी पर झुमका चौराहा के पास से शुरू होकर इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के पास समाप्त होगा। इसका निर्माण होने पर दूसरे जिलों से आने वाले हजारों वाहन शहर के जाम से बचेंगे। निर्माण पर 824 करोड़ रुपये और तकरीबन इतनी ही रकम भूमि अधिग्रहण पर खर्च होने का अनुमान है। शेष बजट सुविधाएं विकसित करने और टैक्स आदि पर व्यय होना है। 

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निर्माण का ठेका लेने के लिए 16 फर्मों ने टेंडर डाले थे। न्यूनतम दर होने की वजह से आरपी इंफ्रावेंचर प्राइवेट लिमिटेड ने 824 करोड़ रुपये में निर्माण की जिम्मेदारी मिली है। टेंडर की लागत 1053 करोड़ रुपये थी, लेकिन इस फर्म का टेंडर इससे 21.82 प्रतिशत नीचे रहा। इसलिए इसने बाकी फर्मों को पीछे छोड़कर काम हासिल किया है।

एनएचएआई की ओर से निर्माण शुरू करने की तैयारी कर ली गई है। जैसे ही 80 फीसदी जमीन पर कब्जा मिलेगा वैसे ही निर्माण शुरू हो जाएगा। पहले तीन महीने तो अधिग्रहण की रफ्तार धीमी रही, लेकिन अब विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने तेजी दिखाई है। उम्मीद है कि अक्तूबर-नवंबर में हम निर्माण शुरू करा लेंगे। - प्रशांत दुबे, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई

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मुआवजा वितरण में ढाई महीने रही सुस्ती...अब आई तेजी
रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण में सबसे बड़ी बाधा मुआवजा वितरण की रफ्तार धीमी होना रहा है। दिसंबर में मुआवजा का वितरण शुरू हुआ, लेकिन जनवरी और फरवरी में इसे रफ्तार नहीं मिल सकी। अब नए भूमि अध्याप्ति अधिकारी आए तो उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट की अहमियत को समझा और 24 दिन में करीब 60 करोड़ रुपये का मुआवजा भू-स्वामियों के खाते तक भेजने की प्रक्रिया कराई। 

एनएचएआई के मुताबिक अब तक 74 करोड़ रुपये भू-स्वामियों के खाते तक पहुंच चुका है। अगर हर महीने 100 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जाता है तो अक्तूबर तक 800 करोड़ रुपये वितरित हो जाएगा। इतना मुआवजा मिलने पर जमीन 80 फीसदी मिल जाएगी। 
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