सोनभद्र की तरह बदायूं जिले की सीमा पर रामगंगा कटरी में जमीन पर कब्जे को लेकर दो गांवों के लोगों के बीच गुरुवार सुबह खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान एक युवक के सीने में गोली मारने के साथ उसके चाचा को भी सिर में फावड़ा मारकर घायल कर दिया गया।
इस घटना की प्रतिक्रिया में गुस्साए लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में ही ट्रैक्टर समेत कई वाहनों में आग लगा दी। पुलिस रिस्पांस वैन पहुंची तो पुलिस वालों को भी पीटा और एक सिपाही की लाइसेंसी पिस्टल छीन ली। दो जिलों की पुलिस पहुंचने के बाद हमलावर भाग निकले। इस घटना पर दातागंज में दो एफआईआर दर्ज कराई गई हैं।
दातागंज के गांव सेहरा पुख्ता के रामगंगा से सटे इलाके में तीस बीघा जमीन पर कब्जे को लेकर दो गुट भिड़ गए। शुरुआत उस वक्त हुई जब पंखिया नगरिया कलां का बारेहसन इस जमीन की जुताई कर रहा था। इसी बीच पड़ेरा गांव का अतहर अली वहां मेराज, अख्तर आदि के साथ पहुंचा। मना करने पर भी बारेहसन ने जुताई बंद नहीं की तो अतहर और उसके साथी उसे पकड़कर ले जाने लगे। सिर में फावड़ा मारकर घायल भी कर दिया।
पड़ोस के खेत से 18 वर्षीय भतीजा इरशाद उसे बचाने दौड़ा तो अतहर और उसके साथियों ने धुआंधार फायरिंग शुरू कर दी। रायफल की एक गोली इरशाद के सीने में बायीं ओर लगी। फायरिंग की आवाज सुनकर इरशाद के परिवार और गांव के लोग दौड़े तो हमलावर फरार हो गए।
इसके बाद इरशाद पक्ष के लोगों ने अतहर के फार्म हाउस पर धावा बोल दिया और वहां खड़ा ट्रैक्टर, एक पंपसेट, छह बाइक और दो साइकिल फूंक दीं। अतहर की ही सूचना पर यूपी 100 पहुंची तो इरशाद पक्ष के लोगों ने सिपाही अल्ताफ की पिस्टल छीनकर उसे डंडों से पीट दिया। दो और पुलिस वालों से भी मारपीट की।
पंखिया समुदाय के नेता तौफीक ने बाद में मौके पर पहुंचकर सिपाही की पिस्टल वापस दिलाई। इस बीच फरीदपुर, भुता और दातागंज की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायलों को बरेली भिजवाया जहां निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया है।
घटनास्थल दातागंज थाने का है। दो रिपोर्ट वहां दर्ज कराई गई हैं। एक रिपोर्ट इरशाद पक्ष की ओर से दर्ज हुई है, दूसरी सिपाही की ओर से दर्ज कराई गई है। इसमें पिस्टल छीनने की कोशिश, मारपीट, सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस के सामने आगजनी करने के आरोप हैं। मौका मुआयना करके मैंने बदायूं के अधिकारियों से भी कार्रवाई के बारे में बात की है -
डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात