बरेली। आसमान से बरस रही आग अब लोगों को झुलसाने लगी है। सोमवार को पारा 41.8 डिग्री तक चढ़ गया। इधर, भीषण गर्मी में बिजली की जब सबसे ज्यादा जरूरत है तब बेहिसाब कटौती लोगों को रुला रही है। ट्रांसफार्मर की मरम्मत और ओवरलोडिंग के नाम पर घोषित कटौती के बाद भी बिजली गुल होती रही बिजली ने लोगों के धैर्य की परीक्षा ली। पिछले 24 घंटे मेंं अलग अलग फीडरों से 25 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की आपूर्ति बंद रही। इससे शहर के करीअ डेढ़ लाख लोग प्रभावित रहे।
सोमवार को शाहदाना क्षेत्र में ओवरलोडिंग की वजह से सिस्टम जवाब दे गया। लगातार तीसरे दिन मरम्मत के नाम पर अफसरों ने आपूर्ति बंद कराई। इससे 12,000 उपभोक्ताओं यानी 60,000 लोगों को बिजली व पानी के लिए तरसना पड़ा। हरुनगला उपकेंद्र के पवन विहार में सोमवार शाम छह बजे से बिजली गुल हुई और 8:30 बजे तक बंद रही। इससे 5000 उपभोक्ता परेशान हुए। श्यामगंज के पास लगा 250 केवीए का ट्रांसफार्मर सोमवार सुबह फुंक गया। दोपहर तीन बजे तक 250 परिवारों को पसीना बहाना पड़ा।
रीवैंप योजना पर काम शुरू नहीं हुए
शहर में 820 करोड़ रुपये की रीवैंप योजना पर काम शुरू नहीं हुए। बिजनेस प्लान में अभी टेंडर होने हैं। अगर मार्च में ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि कर दी जाती तो ओवरलोडिंग की वजह से मई-जून की गर्मी में कटौती न होती। गर्मी से पहले का समय सर्वेक्षण और एस्टीमेट बनाने में बीत गया। अब काम जून और जुलाई में होंगे। तब तक गर्मी बीत जाएगी। मुख्य अभियंता राजीव कुमार शर्मा यह कहकर संतुष्ट कर रहे हैं कि अबकी बार गर्मी में कुछ इलाकों में समस्या जरूर है पर अगले साल की गर्मी आने से पहले सिस्टम ऐसा हो जाएगा कि आने वाले पांच वर्ष तक समस्या नहीं रहेगी।
नौ वर्ष बाद भी सबस्टेशन नहीं बना
रहपुरा चौधरी में 33/11 केवी का नया सब स्टेशन बनाने के लिए नगर निगम ने 2,000 वर्ग मीटर जमीन दी। जमीन के एक हिस्से में 80 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2014 में 80 लाख की लागत से सबस्टेशन का कंट्रोल रूम बनाया गया। एक व्यक्ति ने जमीन को अपना बताकर हाईकोर्ट से स्टे ले लिया। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के कुछ अफसर अवैध कब्जेदार के साथ हो गए और कनेक्शन दे दिया। सबस्टेशन की जमीन पर डेयरी संचालित हो गई। स्टे के बावजूद अवैध कब्जेदार ने सबस्टेशन पर दूसरी मंजिल बना ली। इस पर अब हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई, लेकिन सब स्टेशन नहीं बना। इसका असर बसंतविहार, अवधधाम, मठ लक्ष्मी, रहपुरा चौधरी, सिद्धार्थ नगर के 5,000 से अधिक उपभोक्ता पर पड़ रहा हैं। ब्यूूरो
फोटो के साथ उपभोक्ता की बात
कोट-
रात में बिजली न मिलने से पूरे परिवार की नींद खराब हो गई। इसके चलते सुबह ऑफिस जाने के लिए देर हो गई। -संदीप सिन्हा, सिद्धार्थनगर
कोट-
अगर सब स्टेशन बन जाता तो गर्मी में राहत मिलती। जब अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया तो मैंने आरटीआई में सब स्टेशन को लेकर सवाल पूछे हैं। अब अफसर कह रहे हैं कि उनका प्रयास जल्दी से जल्दी कब्जा हटवाने का है। -आलोक कुमार, इज्जतनगर
कोट-
आमतौर पर 12 बजे के बाद सोते हैं। रविवार को रात 12:30 बजे सोए। रात में तीन बजे बिजली कट गई। चार बजे तक तीन बार कटौती की गई। सो नहीं पाए। ऑफिस आने में एक घंटे की देरी हो गई। ए सागर, पीडब्ल्यूडी
कोट-
गर्मी के साथ बिजली व्यवस्था बिगड़ गई है। 24 घंटे का दावा है, लेकिन बिजली कब कट जाए पता नहीं रहता। अधिकारी पहले से बताते भी नहीं हैं। -संजीव कुमार, सनराइज कॉलोनी
कोट-
24 घंटे में एक से दो घंटे कटौती हो रही है। आमतौर पर सुबह जब नहाने का वक्त होता है। तब बिजली गुल हो जाती है तो सबमर्सिबल पंप नहीं चला पाते। इसलिए बिना नहाए ही काम के लिए निकलना पड़ता है। - अनुज द्विवेदी, आशुतोष सिटी, महानगर