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मिड डे मील बनाते वक्त स्कूल की रसोई में लगी आग, दो शिक्षक-तीन बच्चे झुलसे

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सीबीगंज (बरेली)। क्षेत्र के तिलियापुर प्राइमरी स्कूल की रसोई में सुबह के वक्त सिलिंडर का पाइप लीक होने से आग लग गई। बचाव में लगी प्रधानाध्यापिका, शिक्षामित्र के साथ ही तीन बच्चे झुलस गए। मौके पर पुलिस के साथ ही दमकल भी पहुंच गई, इससे पहले ग्रामीणों ने ही आग पर काबू पा लिया। निजी अस्पताल में बच्चों का उपचार कराया गया। बीएसए और सिटी मजिस्ट्रेट ने भी मुआयना किया। डीएम ने घटना पर चिंता जताकर जांच की बात कही है।
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घटना सुबह नौ बजे प्राथमिक विद्यालय तिलियापुर में हुई। मिड डे मील बनाने के दौरान रसोइया कमलेश ने गैस जलाई। तभी सिलिंडर से निकल रहे पाइप से गैस लीक हो गई। इससे सिलिंडर ने आग पकड़ी तो रसोई में रखा दूसरा सामान भी जलने लगा। विद्यालय में आग लगने से हड़कंप मच गया। रसोइया भागकर बाहर निकली और शोर मचा दिया। शोर सुनकर बच्चे भी अपनी कक्षाओं से निकलकर बाहर भागने लगे। आग बुझाने की कोशिश में शिक्षामित्र राजीव कुमार का चेहरा व हाथ गंभीर रूप से झुलस गए। प्रधानाध्यापिका नरगिस परवीन झुलसीं तो भोली, माहिर और मुस्कान नाम के तीन बच्चे भी आंशिक तौर पर झुलस गए।
शोरगुल के बीच तमाम ग्रामीण भी स्कूल में इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों की मदद से किसी तरह स्कूल स्टाफ ने गैस सिलिंडर में लगी आग पर काबू पा लिया। हादसे की सूचना पर सीबीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दमकल भी बुला ली गई लेकिन तब तक आग बुझाई जा चुकी थी। बच्चों और शिक्षकों को शहर के निजी अस्पताल में भेजा गया, यहां उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया।
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छोटे परिसर में भीड़ से भगदड़ के हालात
- तिलियापुर प्राइमरी स्कूल में करीब 463 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 320 बच्चे स्कूल में मौजूद थे। स्कूल का परिसर काफी छोटा और कक्षाएं रसोई से सटी होने के कारण गहमागहमी और भगदड़ के हालत बन गए। घटना के समय रसोई के बराबर में एक कक्षा संचालित हो रही थी। आननफानन में बच्चों को कक्षा से बाहर निकाला गया। रसोई के बाहर से होकर निकाले गए बच्चे ही लपटों की चपेट में आने से आंशिक रूप से झुलस गए। गनीमत रही कि आग पर मौके पर ही काबू पा लिया गया।

सिटी मजिस्ट्रेट ने जाना बच्चों का हाल
- डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार ने निजी अस्पताल जाकर बच्चों से बात की। उन्हें दवा दिलाकर उनके घर भिजवाया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि शिक्षक और बच्चे पूरी तरह ठीक हैं। बच्चे सहम जरूर गए थे। उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया।

- अग्निशमन यंत्र था ही नहीं
- बिद्यालय परिसर में कक्षाओं से सटी रसोई में ही भोजना पकाया जाता है। गैस सिलिंडर से भोजन बनाया जाता है पर यहां आग बुझाने का कोई भी उपकरण नहीं है। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। आग बुझाने व बच्चों की जान बचाने में गांव के ही अजमुद्दीन सबसे आगे दिखे।

- आग लगने की प्रारंभिक वजह गैस पाइप लीक होना बताया जा रहा है। बीएसए से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। शिक्षक और बच्चों की हालत ठीक है। - वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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