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प्रधान और दो अफसरों पर रिपोर्ट के आदेश

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बरेली। गांवों के विकास कार्यों में 1.53 करोड़ रुपये के घोटाले में पंचायतीराज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पूर्व और वर्तमान प्रधान के अलावा एक ग्राम विकास अधिकारी तथा एक ग्राम पंचायत अधिकारी पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश संबंधित एडीओ को दिए गए हैं। साथ ही नवाबगंज के हाफिजगंज में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी विपिन सक्सेना को सस्पेंड किया गया है। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पंचायतीराज विभाग रकम की वसूली भी करेगा। साथ ही इन ग्राम पंचायतों में मॉनीटरिंग करने वाले अफसरों पर भी कार्रवाई की जाएगी। मॉनीटरिंग करने वाले अधिकारी एक-दूसरे ब्लॉक में कार्य कर रहे हैं। एक मॉनीटरिंग अधिकारी पीलीभीत में कार्यरत है।
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मनमाने तरीके से प्रधानों और अधिकारियों ने किया काम
नवाबगंज के गांव हाफिजगंज में वर्ष 2017-18 में ग्राम विकास अधिकारी संजय गंगवार की ओर से लाइटों पर 2.88 लाख रुपये खर्च किए गए थे। वर्ष 2018-19 में ग्राम पंचायत अधिकारी विपिन सक्सेना ने 21.84 लाख, वर्ष 2019-20 में 21.65 लाख और 2021-2022 में 15.50 लाख रुपये खर्च किए। कुल 632 स्ट्रीट लाइटें लगवाई गईं, जिन पर 29.69 लाख रुपये खर्च दिखाए गए। साथ ही 20 हाईमास्ट लाइटों पर 23 लाख रुपये व्यय किए गए। तीन वर्षों तक यहां प्रधान अकील अहमद रहे। फिलहाल प्रधान निदा अंसारी हैं। जांच में पाया गया कि बिना अनुमति के लाइटें लगवाई गईं। न टेंडर आमंत्रित किया गया और न ही कुटेशन। मनमाने तरीके से रकम का दुरुपयोग किया गया। इसी आधार पर पूर्व प्रधान अकील अहमद, वर्तमान प्रधान निदा अंसारी व ग्राम पंचायत अधिकारी विपिन सक्सेना पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश विभाग ने दिए हैं। साथ ही ग्राम पंचायत अधिकारी विपिन सक्सेना को बृहस्पतिवार को निलंबित किया गया। ग्राम विकास अधिकारी संजय गंगवार व अन्य लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। इस पर जल्द ही निर्णय होगा। इन कार्यकालों में तैनात रहे एडीओ पंचायत भी नपेंगे। उनकी भी तलाश की जा रही है। साथ ही सोलर लाइटें लगाने वाली कंपनी टीके इंटरप्राइजेज पर भी कार्रवाई होगी।
खातों से निकलती गई रकम, किसी ने नहीं देखा, अब हुई कार्रवाई
बिथरी चैनपुर की सात ग्राम पंचायतों से 94 लाख रुपये के गबन में ग्राम विकास अधिकारी आलोक यादव पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। निलंबित ग्राम विकास अधिकारी आलोक व संबंधित प्रधानों ने ग्राम पंचायत आलमपुर गजरौला में 7.13 लाख, सैदपुर खजुरिया में 5.93 लाख, पदारथपुर में 9.20 लाख, मनपुरिया दलेल में .74 लाख, मोहनपुर में 16.23 लाख, परसोना में 17.88 लाख और उड़ला जागीर में 3.65 लाख रुपये गबन किए हैं। जांच में यह सही पाया गया। प्रधानों को डीएम की ओर से नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। वहीं ग्राम विकास अधिकारी पर शिकंजा कसा गया। बताते हैं कि ग्राम विकास अधिकारी ने अपने बचाव के लिए नेताओं से भी अफसरों के पास फोन करवाए। शासन में भी बड़े मंत्रियों से सिफारिशें लगवाईं लेकिन वह कोई काम नहीं आई। इस क्षेत्र में एडीओ कौन-कौन तैनात रहे, उन पर भी कार्रवाई होगी। साथ ही प्रधानों पर भी जवाब आने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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सरकारी रकम का दुरुपयोग करने के मामले दो अधिकारियों व एक पूर्व प्रधान व एक वर्तमान प्रधान पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश संबंधित एडीओ को दिए गए हैं। बाकी मामले की जांच चल रही है जो भी दोषी होंगे कार्रवाई होगी।
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- धर्मेंद्र कुमार, डीपीआरओ
शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करना होगा। विकास के लिए आई रकम विकास पर खर्च होनी चाहिए। गबन आदि किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
- चंद्र मोहन गर्ग, सीडीओ
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