डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि जिले में 34.05 लाख मतदाता हैं। इसमें से सिर्फ 184 मतदाता गणना प्रपत्रों से दूर हैं। 4.03 लाख मतदाताओं के गणना प्रपत्र डिजिटाइज भी हो गए हैं। 2,820 मतदाताओं ने खुद ही चुनाव आयोग की वेबसाइट पर गणना प्रपत्र भरा है। सत्यापन के दौरान 35,315 मतदाताओं ने आवेदन स्वीकार नहीं किए हैं। इनमें 15,618 मृतक और 14,995 शिफ्ट वोटर शामिल हैं। बीएलओ को 1128 मतदाता नियत स्थल पर नहीं मिले हैं।
गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन के मामले में फरीदपुर और कैंट विधानसभा क्षेत्र की स्थिति काफी खराब है। फरीदपुर में 5.45 और कैंट में 8.22 फीसदी डिजिटाइजेशन हुआ है। इस मामले में मीरगंज का काम बेहतर है। यहां 19 फीसदी प्रपत्र डिजिटाइज हो गए हैं। नवाबगंज में 11.45, आंवला में 11.95, भोजीपुरा में 12.70, बिथरी चैनपुर में 13.74, बहेड़ी में 14.85 फीसदी प्रपत्र डिजिटाइज हुए हैं।
15 बीएलओ को नोटिस, एफआईआर के भी आदेश
एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने भोजीपुरा क्षेत्र में निर्वाचन कार्य की प्रगति खराब होने पर 15 बीएलओ को नोटिस जारी किया है। इन बीएलओ में धौरेरा माफी के चंदन सक्सेना, आयद खां व ममता गंगवार और भगवानपुर धिमरी के सुमिताभ कुमार, रूपापुर बढ़ैपुरा के इरशाद अली, गिरधारीपुर की नूतन कुमारी झा, धौराटांडा की प्रियंका सिंह, बिबियापुर चौधरी के प्रवीन कुमार आदि शामिल हैं। उन्होंने बीएलओ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं।
लापरवाही पर की जा रही कार्रवाई
बीएलओ एप पर तीन फीसदी से कम गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन के संबंध में डीएम ने सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ), सुपरवाइजरों और बीएलओ के साथ बैठक की। कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक के बाद उन्होंने बताया कि एसआईआर अभियान पर पूरी मजबूती से काम किया जा रहा है। राजनीतिक दलों से भी बूथवार बीएलए नियुक्त करने के लिए कहा जा रहा है। लापरवाह बीएलओ के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है।