स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी संभालने वाली आशा जब गांव में भर्ती होनी थी तो सिफारिशों की बाढ़ लग गई थी। एक-एक गांव में कई महिलाआें ने आवेदन किया था। लेकिन शहर में आशा बनने को महिलाएं उत्सुक नहीं हैं। 226 पदों के लिए जगह निकाली है, लेकिन अभी तक मात्र 80 महिलाआें ने ही आवेदन किया है।
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत मलिन बस्तियों में काम करने के लिए आशाआें की तैनाती की जानी है। जिले में 226 पद हैं। पहले विज्ञापन निकाला गया तो करीब 80 लोगों के आवेदन आए हैं। इसकी तिथि खत्म होने तक आवेदनों की संख्या नहीं बढ़ी। शहर में काम करने के लिए महिला का हाईस्कूल पास होना जरूरी है। खाली पदाें को भरने के लिए दोबारा विज्ञापन निकालकर सूचना दी गई। इस दौरान 120 से अधिक आवेदन आएं। लेकिन अभी भी 26 से अधिक पदाें के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं।
- सिर्फ मलिन बस्तियों में करेंगी काम
जननी सुरक्षा योजना समेत कई अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों से मलिन बस्ती के लोगाें को जोड़ा जाएगा। स्वास्थ्य सर्वे में मलिन बस्तियों में स्वास्थ्य कार्यक्रम का लाभ उठाने वाले कम पाए गए हैं। इसके बाद यह निर्णय किया गया है।