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Bareilly News: वादी की अपील पर हत्या के मामले में अंतिम आख्या निरस्त

Thu, 16 Jul 2026 01:56 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश रामानंद ने हत्या के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के 29 अगस्त 2024 के उस आदेश को मंगलवार को निरस्त कर दिया है, जिसमें सीजेएम ने हत्या के मामले में अंतिम आख्या स्वीकार कर ली थी। अपर सत्र अदालत ने 22 जुलाई को पक्षकारों को पुन: उपस्थित होने और सीजेएम को सुनवाई का आदेश दिया है। इस मामले में अंतिम आख्या के खिलाफ वादी ने एक अप्रैल 2024 को अपील की थी।
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सिरौली थाना क्षेत्र के गांव आलमपुर कोट निवासी अमृतलाल ने आंवला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपने बेटे दीनदयाल की शादी 11 मई 2023 को संभल जिले के थाना चंदौसी के गांव ऐतोल निवासी भगवान स्वरूप की बेटी पूजा से की थी। शादी के कुछ दिन बाद पूजा को उसके भाई हेमराज, वीरेंद्र, दिनेश और पिता भगवान स्वरूप उसे मायके ले गए। 29 मई 2023 को दीनदयाल अपनी पत्नी को वापस लाने गया। तब पूजा रानी के भाइयों और पिता ने 20 लाख रुपये की मांग की।
अगले दिन 30 मई को पूजा के भाइयों और पिता ने दीनदयाल को फोन करके रामनगर- शाहबाद रोड के यात्री शेड पर बुलाया। वहां पूजा और उसके परिवार के लोगों ने दीनदयाल को कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पिला दिया। 31 मई 2023 को अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
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विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट को किया अनदेखा
दीनदयाल की हत्या के आरोप में मामले में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने 26 सितंबर 2023 को कोर्ट में अंतिम आख्या दाखिल कर दी। अदालत ने 29 अगस्त 2024 को फाइनल रिपोर्ट स्वीकार कर ली। प्रोटेस्ट दाखिल करते हुए वादी की ओर से कहा गया कि पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित किया गया था। अवर न्यायालय ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट को अनदेखा कर दिया। बिसरा की जांच में कार्बामेट इन्सेक्टीसाईट विष से मौत होना पाया गया है।

गवाह बयान से मुकरा, गैंगस्टर का आरोपी दोषमुक्त

बरेली। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट संतोष कुमार यादव ने गैंगस्टर के आरोपी बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के गांव आलमपुर निवासी राजेंद्र को मंगलवार को दोषमुक्त करार दिया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी महेंद्र की पत्रावली सितंबर 2005 में प्रथक की जा चुकी है।
कैंट थाने के तत्कालीन निरीक्षक ओमकार सिंह ने 25 जुलाई 2003 को राजेंद्र और महेंद्र के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान पहले गवाह विद्युत निगम के लाइनमैन प्रतिपरीक्षा में कहा कि उसने राजेंद्र को बिजली की लाइन काटते नहीं देखा। इस तरह का कोई बयान भी पुलिस को नहीं दिया। विवेचक मुकेश मिश्रा ने कहा कि उन्होंने आरोपियों की अवैध रूप से बनाई संपत्ति की तस्दीक नहीं की। कोर्ट ने कहा कि प्रकरण वर्ष 2003 का है। घटना से 23 वर्ष बाद अभियोजन की ओर से मात्र दो गवाह ही परीक्षित कराए जा सके। दोनों गवाहों के बयानों में विरोधाभास है।


फर्जी आईएएस विप्रा की रिश्तेदार दीक्षा की जमानत याचिका स्वीकृत
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश उमाशंकर कहार ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की आरोपी फर्जी आईएएस विप्रा पाठक की रिश्तेदार बारादरी थाना क्षेत्र के पवन विहार निवासी दीक्षा पाठक की जमानत याचिका मंगलवार को स्वीकृत कर ली है। आरोपी ने याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि एफआईआर में वह नामजद नहीं है। बाद में उसका नाम शामिल किया गया है। उसके नाम रजिस्टर्ड कार आरोपी इस्तेमाल करते थे। उसे नहीं पता था कि आरोपी विप्रा और उसकी बहन शिखा नौकरी के नाम पर ठगी करते थे। अभियोजन की जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका स्वीकृत कर ली है।


दुष्कर्म के आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं



बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक कुमार यादव ने इज्जतनगर थाना क्षेत्र के गांव इस्लामनगर निवासी दुष्कर्म के आरोपी सचिन की अग्रिम जमानत याचिका मंगलवार को निरस्त कर दी। एक युवती ने 24 मई 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 मई को वह अपनी बहन के घर जा रही थी। रास्ते में सचिन मिला। उसको अपनी बाइक पर बैठाकर सेंथल रेलवे स्टेशन और वहां से खटीमा ले गया। खटीमा में नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने को हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने 26 जून 2024 को आरोप पत्र दाखिल होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। आरोप पत्र दाखिल होन के बाद आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने को अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी।

बाल सुधार गृह में रहेगा किशोर अपचारी, सुपुर्दगी अर्जी निरस्त

बरेली। हाफिजगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोर अपचारी को बाल सुधार गृह में रहना होगा। किशोर न्याय बोर्ड ने छह जून को उसे जमानत पर छोड़ने और पिता की सुर्पुदगी में देने की अर्जी खारिज कर दी थी। किशोर अपचारी ने इस आदेश को अपर सत्र न्यायालय में चुनौती दी। अपर सत्र न्यायालय ने उसकी अर्जी खारिज करते हुए किशोर न्याय बोर्ड के आदेश को बरकरार रखा है। किशोर अपचारी समेत अन्य के खिलाफ एक जनवरी को हत्या की कोशिश समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। 11 मई को उसकी आयु 15 साल 15 दिन निर्धारित की गई। इसके बाद उसने किशोर न्याय बोर्ड में जमानत और सुर्पुदगी की अर्जी दी थी। इसे बोर्ड ने खारिज कर दिया था। अब उसकी अर्जी को अपर सत्र अदालत ने भी निरस्त कर दिया है।

शहर में बवाल के एक आरोपी को मिली अग्रिम जमानत
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश ने 26 सितंबर 2025 को शहर में हुए बवाल के आरोपी प्रेमनगर थाना क्षेत्र के गुलाब नगर निवासी आरिफ की अग्रिम जमानत याचिका बुधवार को स्वीकार कर ली है। प्रेमनगर थाने में 26 सितंबर को नामजदों समेत 200 अज्ञात के खिलाफ विधि के विरुद्ध जमाव, पुलिस पर हमला, सांप्रदायिकता फैलाने आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान आरिफ का नाम भी प्रकाश में आया। आरोपी ने अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र में कहा कि प्रथम सूचना रिपोर्ट में वह नामजद नहीं है। कोई स्वतंत्र साक्षी भी नहीं है। उसे झूठा फंसाया गया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।



एनडीपीएस एक्ट में दोषी को 13 दिन की कैद, पांच हजार रुपये जुर्माना
बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने मंगलवार को एनडीपीएस एक्ट में दोषी कोतवाली क्षेत्र के अली अहमद तालाब निवासी सब्बू को 13 दिन की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 20 दिन अतिरिक्त जेल में रहना होगा। कोतवाली पुलिस ने दो जून 2012 को सब्बू को आजम नगर इलाके से गिरफ्तार किया था। उसके पास से 150 ग्राम चरस मिला था। सुनवाई के दौरान उसने कोर्ट में जुर्म स्वीकार कर लिया और कहा कि वह गरीब है। परिवार की देखभाल के लिए अन्य कोई नहीं है। कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए जुर्माने व कैद की सजा सुनाई।



साक्ष्यों के अभाव में आबकारी एक्ट का आरोपी दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने साक्ष्यों के अभाव में बुधवार को आबकारी एक्ट के आरोपी सिरौली थाना क्षेत्र के गांव बरसेर निवासी चंद्रपाल को दोषमुक्त करार दिया है। सिरौली पुलिस ने चंद्रपाल को 23 नवंबर 2015 को अवैध तरीके से शराब बनाते हुए गिरफ्तार करने का दावा करते हुए रिपोर्ट दर्ज की थी। सुनवाई के दौरान पुलिस कोर्ट में गवाह और साक्ष्य पेश नहीं कर सकी।
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