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सच्ची कहानियों पर आधारित है ‘अलीगढ़’

Sun, 01 Feb 2015 01:36 AM IST
बरेली
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फिल्म ‘अलीगढ़’ सच्ची घटनाओं पर आधारित है। इसमें कोई एक घटना नहीं है, बल्कि घटनाएं गूंथी गई हैं। अपूर्वा सेन और इशानी बैनर्जी की कहानी पर यह फिल्म बनाई जा रही है। फिल्म के निर्देशक हंसल मेहता ने अमर उजाला से बातचीत में यह जानकारी दी।
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बरेली कॉलेज में इन दिनों ‘अलीगढ़’ फिल्म की शूटिंग चल रही है। शूटिंग के दौरान ही कुछ समय निकालकर डायरेक्टर हंसल मेहता ने अमर उजाला से बात की। उन्होंने कहा कि उनकी फिल्में मजहबी नहीं होतीं, वह राजनीतिक टिप्पणियां जरूर करती हैं। ‘शाहिद’ भी ऐसी ही फिल्म है। अलीगढ़ में भी ऐसा ही कुछ दिखेगा। उनकी फिल्में लीक से हटकर होती हैं। वह कुछ खास सामाजिक मुद्दों को लेकर चलते हैं।  ‘खाना-खजाना’ शो से चर्चा में आए हंसल मेहता ने बताया कि अब वह टीवी शो नहीं कर रहे हैं। उनका पूरा फोकस फिल्म पर है। बरेली में शूटिंग करने को लेकर उन्होंने कहा कि यह शहर बहुत खूबसूरत है। हमारी कोशिश है कि बेहतर तरीके से इसे फिल्म में दिखाएं। शूटिंग में शहर और यहां के लोगों ने काफी सहयोग किया है।

प्राचार्य दफ्तर से छेड़छाड़ होने पर विद्यार्थियों ने जताया विरोध
बरेली। बरेली कॉलेज में अलीगढ़ फिल्म की शूटिंग के दौरान प्राचार्य के रूम में उनकी चेयर और प्राचार्यों की सूची वाले बोर्ड से छेड़छाड़ होने पर छात्रनेताओं ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि शूटिंग चलती रहे लेकिन प्राचार्य के कुर्सी की गरिमा तो रखी जाए। उनकी कुर्सी पर फिल्म यूनिट के लोग पैर रखकर बैठते हैं, उस पर स्टैंड लगाते हैं, यह ठीक नहीं है। इसे कॉलेज का अपमान हो रहा है। विशाल यादव और फैज मोहम्मद ने इसको लेकर ऐतराज जताया।
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