बरेली। हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 16.97 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण सालभर पहले हो चुका है। 44.26 करोड़ रुपये के मुआवजे का वितरण भी किया जा चुका है। प्रशासन की ओर से फाइल शासन को भेज दी गई है। वहां से कोई गाइड लाइन नहीं मिलने के कारण हवाई अड्डा प्रशासन को भूमि लीज पर नहीं मिल सकी है। ऐसे में विस्तार का काम अटक गया है।
बरेली से बंगलूरू, मुंबई, दिल्ली और जेवर के लिए उड़ानें हैं। यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इन दिनों औसतन 410 यात्री रोज हवाई यात्रा कर रहे हैं। हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन मार्च 2021 में हुआ था। 3,000 वर्गमीटर के इस टर्मिनल में 300 से अधिक यात्रियों को समायोजित करने की क्षमता है।
यहां तीन एयरबस ए321 प्रकार के विमानों की पार्किंग के लिए एप्रन हैं। एप्रन की संख्या बढ़ाकर 10 और यात्रियों को समायोजित करने की क्षमता बढ़ाकर 700 तक की जानी है। इसके लिए कुल 23.55 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। इसमें 16.97 एकड़ भूमि निजी और 6.58 एकड़ ग्राम सभा, राज्य सरकार व रक्षा संपदा विभाग की है।
एयरपोर्ट से भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी फ्लाइट शुरू होनी हैं। विस्तार का काम शुरू न होने के कारण नई उड़ानों पर भी संकट है। हवाई अड्डा निदेशक अवधेश अग्रवाल ने बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को अधिग्रहीत भूमि के सर्वे के लिए पत्र लिखा गया है। प्रशासन से भी पत्राचार जारी है।
हर साल बढ़ रही यात्रियों की संख्या
बरेली में हवाई यात्रा करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2021-22 में जब बरेली से हवाई सेवा शुरू हुई, तब यात्रियों की संख्या 103,667 रही। 2026-26 में यह संख्या बढ़कर 128,170 के पार हो गई। बरेली से गोवा, जयपुर, कुशीनगर समेत कई और स्थानों के लिए भी उड़ानें प्रस्तावित हैं। इसके बाद यात्रियों की संख्या में और भी इजाफा होगा।
वर्जन
भूमि अधिग्रहण हो चुका है। भूमि की लीज के लिए फाइल शासन को भेजी गई है। शासन स्तर से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार है। इसके बाद लीज की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। - भानु प्रताप सिंह, तहसीलदार सदर