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Bareilly: डीएपी न मिलने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे, गेहूं की बुआई का निकल रहा समय

Mon, 07 Nov 2022 03:09 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

 कृषि विभाग अपने गोदामों के अलावा साधन सहकारी समितियों पर भी खाद भेजने का दावा कर रहा है लेकिन कई इलाकों के किसान परेशान हैं। जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र चौधरी की ओर से जारी किए गए प्रेसनोट में बताया गया है कि डीएपी उपलब्ध है। साधन सहकारी समितियों पर पहुंचाई जा रही है।
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खाद के लिए लगी लाइन ( फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बरेली में इस समय रबी की फसल की बुआई करने के लिए किसान तैयार हैं लेकिन डीएपी का संकट उनकी चिंता बढ़ा रहा है। जिले के कई क्षेत्रों में डीएपी नहीं पहुंच रही है। जहां पहुंच रही है वहां जरूरतभर की नहीं मिल पा रही है। दिनभर किसान लाइनों में लगे रहते हैं। किसान यही कह रहे हैं कि धान को बारिश ने डुबाया और अब गेहूं की फसल को डीएपी का टोटा ले डूबेगा।

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जिले में गेहूं का रकबा दो लाख हेक्टेयर से अधिक है। हर बार डीएपी रकबे के मुताबिक मंगवाने का कृषि विभाग दावा करता है लेकिन मिल नहीं पाती। कृषि विभाग के गोदामों पर 17548 मीट्रिक टन यूरिया, 2945 मीट्रिक टन डीएपी है। कृषि विभाग अपने गोदामों के अलावा साधन सहकारी समितियों पर भी खाद भेजने का दावा कर रहा है लेकिन कई इलाकों के किसान परेशान हैं। जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र चौधरी की ओर से जारी किए गए प्रेसनोट में बताया गया है कि डीएपी उपलब्ध है। साधन सहकारी समितियों पर पहुंचाई जा रही है।

 

 


बिना डीएपी करनी होगी गेहूं की बुआई

नवाबगंज में इफको सेवा केंद्र में डीएपी के लिए सुबह छह बजे से ही किसानों लाइन लगती है लेकिन किसानों को जरूरत के हिसाब से खाद नहीं मिल पा रही। किसान दामोदर दास का कहना है कि रबी की फसल की बुवाई निकल रही है। डीएपी की जरूरत है लेकिन खाद नहीं मिल रही है। संकट बताया जा रहा है। त्यारजागीर गांव के हरीश कुमार का कहना है कि डीएपी के बंदोबस्त पहले ही करने चाहिए थे लेकिन अब तक नहीं हुए जबकि बुआई का समय निकल रहा है।

 

ये है मीरगंज का हाल

मीरगंज में साधन सहकारी समिति नथपुरा, सिंधौली आदि में डीएपी का संकट चल रहा है। यहां पर खाद काफी दिनों से नहीं आ रही है। किसान लगातार मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि डीएपी के लिए उन्हें लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है। लग रहा है कि गेहूं की फसल भी भगवान भरोसे ही होगी। वहीं दूसरी ओर गुलड़िया, घेवरा में डीएपी हाल ही में उपलब्ध कराई गई है। इफ्को सेवा केंद्र में भी डीएपी पहुंची है लेकिन मात्रा कम बताई जा रही है।

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