स्मार्ट सिटी के लिए दूसरे चरण में की जा रही रायशुमारी में शनिवार को महिला शिक्षकाें की बारी थी और उनको भी रामगंगानगर का आइडिया नहीं भाया। उन्हाेंने कहा कि रेट्रोफिटिंग ही स्मार्ट सिटी का सबसे अच्छा उपाय है। कम खर्च में अच्छा प्रयोग होगा। स्मार्ट सिटी में बिना यूथ को जोड़े कोई काम पूरा नहीं हो सकता। उनके विचारों को जरूर शामिल करें।
स्मार्ट सिटी प्रपोजल के लिए सिटीजन कंसलटेंशन राउंड दो के तहत स्कूल और कालेज की महिला शिक्षकाें को पहले योजना की जानकारी राय मांगी गई तो रामगंगानगर योजना पर साफ टिप्पणी थी कि इसका कोई औचित्य नहीं है। बसे बसाए इलाके को डवलप कर सकते हैं। महिलाओं की राजेंद्रनगर के फ7 में अधिक रही। यहां सुविधाएं भी पहले से हैं। इससे समय की बचत भी होगी। महिलाआें ने कहा कि योजना से युवाआें को जोड़ने की भी पहल करें। उनके आइडिया और ऊर्जा की जरूरत है। बैठक में मेयर डॉ. आईएस तोमर, नगर आयुक्त शीलधर यादव व अन्य शामिल रहे।
ये महिलाएं रही शामिल
साहू रामस्वरूप पीजी कालेज की प्रधानाचार्य डॉ. शशि बाला राठी, कस्तूरबा नगन निगम बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्य रोशनी जायसवाल, बरेली कालेज की शिक्षक डॉ. पूर्णिमा अनिल, डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. चारू मेहरोत्रा सेक्रेड हार्ट की प्रधानाचार्य राधा सिंह, इस्लामियां गर्ल्स इंटर कालेज की प्रधानाचार्य चमन जहां।