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Bareilly News: एक्सीलेटर में फंसे थे पैर, सीट पर लेटकर बचाई जान

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बरेली। जाको राखे साइयां मार सके न कोय... इस कहावत को लोगों ने शुक्रवार को हाफिजगंज में चरितार्थ होते देखा। ट्रक के नीचे कार में दबे दीवान नौशाद हुसैन की आंखों के सामने घंटेभर तक मौत मंडराती रही। हालांकि, घबराने के बजाय उन्होंने जीवित रहने का हर जतन किया। उनके दोनों पैर एक्सीलेटर में फंसे थे। एक हाथ भी दब गया था। विंडो के पास सेफ्टी के लिए बनाए गए छोटे छेद से मामूली हवा आ रही थी। उन्होंने इसी छेद को दूसरे हाथ से तोड़कर बड़ा कर दिया और लेटे हुए सांस लेने लगे।
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घटना के बाद हाफिजगंज में अपने घर पहुंचे नौशाद ने अमर उजाला टीम को बताया कि वह उस घड़ी को याद कर सिहर जाते हैं जब वह घर से कार लेकर निकले थे। सामने से धीमी गति से आता ट्रक उनकी कार के ऊपर गिर पड़ा। उन्होंने ट्रक गिरता देखकर कार से निकलने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। जान बचाने के लिए वह सीट पर लेटने की मुद्रा में आ गए। ऐसा न करते तो कार की छत पिचकने के साथ उनके सिर में घुस गई होती।
नौशाद ने बताया कि उनके ऊपर ट्रक की बॉडी और गन्नों का अंबार होने की वजह से न तो वह किसी को देख पा रहे थे और न कोई उन्हें देख पा रहा था। उन्होंने चीखने की कोशिश की, लेकिन आवाज कार में ही घुटकर रह गई। एक बार उन्हें लगा कि अब बचना मुश्किल है, लेकिन जब ट्रक हटा तो उन्हें लगा कि ऊपरवाले ने उन्हें फिर से नई जिंदगी बख्श दी है।
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देवदूत बने ग्रामीण और पुलिस
हादसे के बाद पुलिसकर्मी और ग्रामीण देवदूत बनकर मौके पर पहुंचे। वह जीजान से गन्ना हटाने में जुट गए। क्रेन पहुंचने से पहले भीड़ ने काफी गन्ना नीचे गिरा दिया था। इसके बाद पुलिस ने क्रेन की मदद से ट्रक को उठवा लिया।
हाईवे पर एक घंटे तक लगा रहा जाम
हादसे के बाद पीलीभीत हाईवे दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। कई-कई किमी तक वाहन खड़े हो गए। इसमें एंबुलेंस से लेकर अन्य जरूरी वाहन शामिल थे। ट्रक व कार हटवाने के बाद पुलिस ने रोड को वनवे कर वाहनों को निकलवाया। करीब एक घंटे तक हाईवे बंद रहा। सीओ नवाबगंज नीलेश मिश्र ने बताया कि ट्रक को कब्जे में ले लिया है। पुलिस मामले में विधिक कार्रवाई करेगी।
नियमों को रौंद रहे ओवरलोड वाहन

आंवला। बदायूं मार्ग गन्ना लदे ओवरलोड-ओवरहाइट ट्रक और ट्रैक्टर-ट्राॅलियां रोजाना यातायात नियमों को रौंद रहे हैं। इनके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। जाम भी लगता है। इनकी आवाजाही से सड़क भी क्षतिग्रस्त होती है। पिछले माह पुरैना तिराहे पर एक ओवरलोड वाहन अनियंत्रित होकर साइड पटरी की ओर झुक गया था। आसपास के दुकानदारों ने बल्लियां लगाकर गन्ने से लदी ट्रॉली को रोका था। पास के दुकानदारों ने बताया कि राहगीर रोजाना जाम से परेशान होते हैं। इसके बावजूद ऐसे वाहनों पर सख्ती नहीं की जा रही है। संवाद
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