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नहीं मिलेगी राहत, सबकों जमा करनी होगी फीस

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बरेली। निजी स्कूलों की फीस माफ होने की आस लगाए बैठे अभिभावकों की उम्मीद पूरी होती नहीं दिख रही है। शासन की ओर से जारी आदेश में सरकारी कर्मचारियों के साथ उन प्राइवेट कर्मचारियों को भी मासिक फीस जमा करने को कहा गया है जो नियमित वेतन पा रहे हैं। फिलहाल फीस जमा न कर पाने वाले लोगों को भी स्कूल में प्रार्थना पत्र देकर यह बताने को कहा गया है कि वे फीस आगे कब जमा करेंगे। इसके साथ स्कूलों को भी निर्देश दिया गया है कि फीस जमा न होने पर किसी बच्चे का नाम नहीं काटा जाएगा।
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लॉकडाउन में बंद हुए निजी स्कूल अब तक नहीं खुले हैं। ज्यादातर स्कूल फिलहाल ऑनलाइन क्लास चला रहे हैं। इस बीच अभिभावकों की ओर से फीस माफ करने की मांग शुरू हुई तो दूसरी तरफ स्कूलों ने उन पर फीस जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस बीच अभिभावक महासंघ की ओर से भी फीस माफी के लिए प्रशासन को ज्ञापन दिया गया। शनिवार को शासन की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला की ओर से जारी आदेश से साफ हो गया कि फीस माफी में अभिभावकों को राहत नहीं मिल पाएगी। आदेश में अभिभावकों को फीस जमा करने को कहा गया है। हालांकि स्कूलों को भी आगाह किया गया है कि फीस जमा न होने के कारण अगर किसी बच्चे का नाम काटा गया तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों से कहा गया है कि जो अभिभावक फीस जमा करने में असमर्थ हैं, उनसे एक प्रार्थना पत्र लेकर आसान किस्तों में फीस ली जाए।
ये कर सकते हैं अभिभावक
यदि अभिभावक संतुष्ट नहीं है तो अपनी शिकायत जिला शुल्क नियामक समिति को दे सकता है। इस शिकायत पर समिति एक सप्ताह के अंदर निर्णय लेगी। यह निर्देश सभी शिक्षा बोर्ड के सभी स्कूलों पर लागू होगा।
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