बरेली केंद्रीय कारागार से प्रयागराज रवाना होने के दौरान अशरफ को मीडिया से बात करने का मौका ही नहीं मिल सका। पुलिस के वज्र वाहन में बैठे अशरफ ने दो अंगुलियां उठाकर कहा कि दो सप्ताह हो चुका है। जाहिर है कि अशरफ ने दो सप्ताह में हत्या की आशंका जताई थी, और लगभग उतने ही समय बाद उसे फिर बाहर निकाला गया है।
अशरफ का काफिला बेहद कड़ी सुरक्षा में प्रयागराज रवाना हुआ। काफिले में एक पुलिस अधिकारी की गाड़ी के साथ अन्य वाहन भी शामिल रहे। अशरफ की सुरक्षा के मद्देनजर काफिले में शामिल सभी पुलिसकर्मी बुलेट प्रूफ जैकेट और बॉडी वार्न कैमरे से लैस रहे। इसके साथ ही जिस पुलिस वैन में अशरफ को ले जाया गया है उसमें भी सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इसकी लाइव रिकॉर्डिंग की जा रही है। वाहन में अशरफ की हर एक हलचल पर कैमरों की नजर से निगरानी रखी जा रही है।
16 दिन में अशरफ की प्रयागराज में दूसरी बार पेशी होने जा रही है। इससे पहले अशरफ को 28 मार्च को उमेशपाल अपहरण कांड में प्रयागराज के एमपी एमएलए कोर्ट में पेश किया गया था। अपहरण कांड में कोर्ट ने अशरफ समेत सात लोगों को बरी कर दिया था जबकि उसके भाई अतीक अहमद को सजा दी गई थी।