'आतंकी हमले को धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए'
फतवे में भारत में सभी धर्मों के अनुयायियों से अच्छे संबंध रखने की बात कही गई है। आज के माहौल में समाज के बीच अच्छे संबंधों की जरूरत है। चाहे वह खुशी का मौका हो या गम का। हमें हर स्थिति में देश के साथ खड़ा होना चाहिए। एकता और भाईचारे का संदेश देना चाहिए। फतवे में यह भी कहा गया है कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। बल्कि यह आतंकवादी हमला क्रूर, अत्याचारी और कायरतापूर्ण है। इसलिए हम आतंकवाद का कड़ा विरोध करते हैं और इसकी निंदा करते हैं।