बरेली। जबरन धर्मांतरण कराने के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के खिलाफ सुन्नी बरेलवी उलमा ने जुबानी फतवा जारी किया है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने उसके कृत्य को गैर इस्लामी बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों का बहिष्कार किया जाना चाहिए। मौलाना ने पैगंबर-ए-इस्लाम की हदीस शरीफ का हवाला देते हुए कहा कि इस्लाम जबरदस्ती, दबाव या लालच का धर्म नहीं है। किसी व्यक्ति पर इस्लाम कबूल करने के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता। धर्म के प्रचार-प्रसार की इजाजत हर शख्स को है। इस्लाम का प्रचारक किसी गैर मुस्लिम के सामने इस्लाम की खूबियां बयां कर सकता है, लेकिन उसे इस बात की बिल्कुल इजाजत नहीं है कि वह उनका जबरन धर्मांतरण कराए। संवाद